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सरकपुर का खेल स्टेडियम: ग्रामीण प्रतिभाओं का सपना अधूरा

सरकपुर का राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसर अब जर्जर स्थिति में है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों का सपना अधूरा रह गया है। करोड़ों की लागत से बने इस स्टेडियम में न तो प्रशिक्षक हैं और न ही उचित रखरखाव। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सुविधाएं सुधरें, तो वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमा सकते हैं। जानें इस स्टेडियम की स्थिति और स्थानीय सरपंच की अपील के बारे में।
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सरकपुर का खेल स्टेडियम: ग्रामीण प्रतिभाओं का सपना अधूरा

खेल स्टेडियम की दयनीय स्थिति

मुलाना सरकपुर स्टेडियम, मुलाना (अंबाला): ग्रामीण क्षेत्रों से खेल प्रतिभाओं को विकसित करने का सपना अब अधूरा हो गया है। सरकपुर गांव में स्थित राजीव गांधी ग्रामीण खेल परिसर की स्थिति इतनी खराब है कि यहां कोई नहीं आता। अब यह स्थान जंगल में तब्दील हो चुका है और इमारत भी जर्जर हो रही है।


कोटि की लागत पर बनी यह इमारत

यह स्टेडियम करोड़ों रुपये की लागत से बना था, लेकिन अब इसकी स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि यह अपनी दुर्दशा पर रो रहा है। खेल विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, न ही इसके रखरखाव के लिए कोई फंड उपलब्ध कराया गया और न ही स्टाफ की नियुक्ति की गई। इस कारण से यह स्टेडियम बंद पड़ा है और खिलाड़ियों का यहां कोई रुझान नहीं है।


कोच की कमी से प्रभावित खेल गतिविधियां

इस खेल स्टेडियम में प्रशिक्षकों की कमी है, जिससे यहां खेल गतिविधियां नियमित रूप से नहीं हो पा रही हैं। स्थानीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है। फिलहाल, रखरखाव के लिए एक युवक नियुक्त है, लेकिन वह स्थानीय नहीं है।


स्थानीय कर्मियों की आवश्यकता

सरपंच की अपील

गांव के सरपंच सुशील सैनी ने कहा कि स्टेडियम की देखरेख के लिए स्थानीय कर्मियों की नियुक्ति होनी चाहिए। यदि गांव से किसी को जिम्मेदारी दी जाए, तो खिलाड़ियों को स्टेडियम का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने सरकार और खेल विभाग से इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की है।


खिलाड़ियों का भविष्य संकट में

ग्रामीण खिलाड़ियों का कहना है कि यदि स्टेडियम की स्थिति सुधरती है, तो गांव से कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमा सकते हैं। लेकिन सुविधाओं की कमी के कारण उनकी प्रतिभा दम तोड़ रही है। टूटी खिड़कियां, बंद कमरों, खराब वाटर कूलर और फैली हुई घास इस स्टेडियम की दुर्दशा को दर्शाती हैं।


खेल नर्सरी की अनुपस्थिति

इस स्टेडियम में खेल विभाग की कोई नर्सरी नहीं चल रही है। हालांकि, विभाग ने नर्सरी चलाने के लिए कोच भेजा था, लेकिन यहां की अव्यवस्थाओं के कारण यह संभव नहीं हो सका। अव्यवस्थाओं को देखकर विभाग ने कोच को वापस बुला लिया।