सर्दियों में जैसलमेर: एक अद्भुत यात्रा गंतव्य
जैसलमेर की यात्रा का आनंद लें
इस समय भारत के विभिन्न हिस्सों में कड़ाके की ठंड का सामना किया जा रहा है। सर्दियों के मौसम में लोग ऐसे स्थानों की तलाश में रहते हैं, जहाँ गुनगुनी धूप और रोमांचक गतिविधियों का आनंद लिया जा सके। इस संदर्भ में, राजस्थान का जैसलमेर एक बेहतरीन विकल्प है। इसे सर्दियों में घूमने के लिए सबसे आकर्षक स्थलों में से एक माना जाता है। यहाँ आपको दुबई जैसी अनुभूति मिलेगी, क्योंकि डेजर्ट सफारी का अनुभव अद्वितीय होता है। इसके अलावा, रेत के विशाल मैदानों के दृश्य भी मनमोहक होते हैं। रात में, आप साफ आसमान में टिमटिमाते तारे देख सकते हैं और दूरबीन से आसमान का अवलोकन कर सकते हैं। दिल्ली से जैसलमेर की यात्रा करना भी सरल है, और यहाँ पर घूमने के साथ-साथ खाने के कई विकल्प भी उपलब्ध हैं। आप दो रातों और तीन दिनों में जैसलमेर के खूबसूरत दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। यदि आप यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो जैसलमेर एक बेहतरीन गंतव्य हो सकता है।
ट्रेन से यात्रा की योजना बनाएं
यदि आप सुरक्षित और बजट में यात्रा करना चाहते हैं, तो ट्रेन सबसे अच्छा विकल्प है। खासकर पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से कई ट्रेनें जैसलमेर के लिए चलती हैं। लगभग 15 घंटे की यात्रा के बाद, आप इस खूबसूरत शहर में पहुँच सकते हैं। शाम 6 बजे चलने वाली ट्रेन सुबह 9 बजे जैसलमेर पहुँचाती है। ध्यान रखें कि यदि आप ट्रेन से यात्रा करना चाहते हैं, तो टिकट पहले से बुक कर लें। आप चाहें तो फ्लाइट से भी यात्रा कर सकते हैं और जैसलमेर एयरपोर्ट पर पहुँचकर अपनी यात्रा का आनंद ले सकते हैं।
जैसलमेर में घूमने की प्रमुख जगहें
यूनेस्को में शामिल सोनार किला
जैसलमेर का सोनार किला दूर से ही नजर आता है। इस सुनहरे किले में रंग-बिरंगी गलियाँ, हवेलियाँ, तोपें, मंदिर और संग्रहालय हैं। यह किला अंदर से एक छोटे शहर की तरह है, जहाँ लोग अभी भी निवास करते हैं।
सम सैंड ड्यून्स
यदि आप रेगिस्तान का असली अनुभव लेना चाहते हैं, तो सम सैंड ड्यून्स अवश्य जाएँ। यह जैसलमेर से 40 किमी दूर है। यहाँ जाने के लिए प्राइवेट कैब या टैक्सी का उपयोग करना बेहतर होगा। यहाँ आपको रेत के मैदान और छोटी झाड़ियाँ देखने को मिलेंगी। सम सैंड ड्यून्स में कई प्रकार की गतिविधियाँ भी उपलब्ध हैं।
- जीप सफारी जो दुबई जैसी अनुभूति देती है।
- ऊंट सफारी का अनुभव।
- राजस्थानी लोकगीत और नृत्य का आनंद लें।
- यहाँ डिनर, नाश्ता और कैंपिंग की सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। कैंप की बुकिंग स्थानीय स्तर पर करना बेहतर है।
तनोट माता मंदिर
यह मंदिर पाकिस्तान की सीमा के निकट स्थित है और इसे सेना द्वारा विकसित किया गया है। यहाँ तक पहुँचने के लिए राजस्थान रोडवेज की बसें भी चलती हैं।
पटवा की हवेली
जैसलमेर में दो-तीन दिन की यात्रा के दौरान पटवा की हवेली भी अवश्य देखें। यहाँ विदेशी पर्यटकों की संख्या अधिक होती है।
