1 अप्रैल से रेलवे और बैंकिंग में महत्वपूर्ण बदलाव: जानें क्या होगा नया
नई नियमों का आगाज़
नई दिल्ली। 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ, आम जनता की वित्तीय आदतों और बैंकिंग प्रक्रियाओं में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन होने जा रहे हैं। सरकार ने भारतीय रेलवे और बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित और सरल बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब एटीएम से पैसे निकालने के लिए डेबिट कार्ड की आवश्यकता नहीं होगी। अप्रैल से, देश के अधिकांश बैंक UPI-ATM सेवा को बड़े पैमाने पर लागू करेंगे। एटीएम स्क्रीन पर एक QR कोड प्रदर्शित होगा, जिसे आप अपने फोन के किसी भी UPI ऐप से स्कैन करके सीधे पैसे निकाल सकेंगे।
इस बदलाव से 'कार्ड क्लोनिंग' और 'स्कीमिंग' जैसी धोखाधड़ी की घटनाओं में कमी आएगी। प्रारंभिक चरण में, एक बार में 5,000 से 10,000 रुपये तक निकाले जा सकेंगे। इसके अलावा, भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और टिकट रिफंड प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में संशोधन किया है। ऑनलाइन (IRCTC) बुक किए गए टिकटों को रद्द करने पर रिफंड की राशि अब पहले से अधिक तेजी से वापस की जाएगी, जिसका लक्ष्य 48 घंटे के भीतर रिफंड प्रक्रिया को पूरा करना है।
स्टेशन काउंटर से खरीदे गए टिकटों को भी अब ऑनलाइन रद्द किया जा सकेगा, लेकिन रिफंड का कैश प्राप्त करने के लिए आपको काउंटर पर जाना होगा। यदि ट्रेन 3 घंटे से अधिक लेट होती है या एसी में खराबी आती है, तो TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करने के नियमों को और सख्त किया गया है ताकि केवल वास्तविक यात्रियों को रिफंड मिले और धोखाधड़ी को रोका जा सके। रेलवे स्टेशनों पर टिकट काउंटर पर UPI भुगतान को अनिवार्य रूप से बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे यात्रियों को 'छुट्टे पैसों' की समस्या से राहत मिलेगी और लंबी लाइनों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि इन परिवर्तनों से डिजिटल इंडिया को काफी मजबूती मिलेगी। हालांकि, यात्रियों और ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने UPI पिन को किसी के साथ साझा न करें और केवल आधिकारिक भुगतान ऐप्स का उपयोग करें।
