2026 में लागू होने वाले नए नियम: गैस सिलेंडर से कार की कीमतों में बदलाव
नए साल के पहले दिन के बदलाव
नए नियम 1 जनवरी 2026 से लागू: नए साल के पहले दिन, 1 जनवरी 2026 को, देश में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। ये परिवर्तन हर व्यक्ति की जेब पर असर डाल सकते हैं। इनमें एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर कारों की कीमतें शामिल हैं। इसके अलावा, PAN कार्ड, हवाई यात्रा और आयकर रिटर्न में भी बड़े बदलाव किए गए हैं। आइए, इन नए नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि
महंगा हुआ कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर: 1 जनवरी 2026 को, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम के कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि की है। अब यह 111 रुपये तक महंगा हो गया है। ताजा जानकारी के अनुसार, दिल्ली में 19 किलोग्राम का सिलेंडर अब 1691.50 रुपये में मिलेगा, जबकि कोलकाता में इसकी कीमत 1795 रुपये, मुंबई में 1642.50 रुपये और चेन्नई में 1849.50 रुपये हो गई है। हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर हैं।
नई कार खरीदने पर बढ़ेगा खर्च
कारों की कीमतों में वृद्धि: यदि आप 2026 में नई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको अधिक खर्च करना पड़ सकता है। कई प्रमुख कार कंपनियों ने 1 जनवरी से अपनी कारों की कीमतें बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिसका कारण बढ़ती इनपुट लागत और संचालन खर्च बताया गया है।
PAN कार्ड की वैधता में बदलाव
PAN कार्ड होंगे बेकार: 1 जनवरी 2026 से वे सभी PAN कार्ड बेकार हो जाएंगे, जो आधार कार्ड से लिंक नहीं हैं। इससे कई वित्तीय समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे कि आईटीआर रिफंड और बैंकिंग लाभ प्राप्त नहीं कर पाना। इसके अलावा, कई सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल सकेगा।
हवाई यात्रा में कमी
हवाई ईंधन की कीमतों में कमी: 1 जनवरी 2026 को, हवाई ईंधन या जेट फ्यूल की कीमतों में कमी की गई है। दिल्ली में इसकी कीमत अब 92,323.02 रुपये प्रति किलोलीटर है, जबकि कोलकाता में यह 95,378.02 रुपये, मुंबई में 86,352.19 रुपये और चेन्नई में 95,770 रुपये हो गई है। इस कमी से एयरलाइंस हवाई टिकट की कीमतें घटा सकती हैं।
आयकर में महत्वपूर्ण बदलाव
नए आयकर नियम: 1 जनवरी 2026 से नया आयकर अधिनियम पूरी तरह से लागू नहीं होगा, लेकिन केंद्र सरकार जनवरी तक नए ITR फॉर्म और नियमों की अधिसूचना जारी करेगी, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे। नए कानून के तहत प्रक्रियाओं और टैक्स वर्ष की परिभाषा में बदलाव किया जाएगा, जिससे ITR फॉर्म और सिस्टम को सरल बनाया जाएगा।
