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AAP की मांग: 7 राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए

आम आदमी पार्टी ने अपने सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के निर्णय को असंवैधानिक बताते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है। पार्टी नेता संजय सिंह ने कहा कि यह कदम दल-बदल विरोधी कानून का उल्लंघन है। AAP राज्यसभा के सभापति से इन सांसदों को अयोग्य घोषित करने की अपील करेगी। इस घटनाक्रम ने राज्यसभा की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की नजर इस विवाद पर संवैधानिक कार्रवाई पर है।
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AAP की मांग: 7 राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए

राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपने सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के निर्णय को असंवैधानिक करार देते हुए उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग की है। पार्टी के नेता संजय सिंह ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि AAP राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर इन सांसदों को उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने का अनुरोध करेगी। उन्होंने दल-बदल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यसभा और लोकसभा में किसी भी प्रकार के विभाजन या गुट को कानूनी मान्यता नहीं दी जा सकती, चाहे उसमें दो-तिहाई बहुमत ही क्यों न हो।

संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि न तो संविधान की दसवीं अनुसूची और न ही दल-बदल विरोधी कानून किसी अलग गुट या समूह को मान्यता देता है। उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने वाले सात सांसदों का यह कदम पूरी तरह से अवैधानिक है। AAP इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति से इन सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग करेगी। शुक्रवार को AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने घोषणा की थी कि वे और चार अन्य सांसद भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

इस घटनाक्रम ने राज्यसभा की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। AAP का मानना है कि सांसदों का यह कदम सीधे तौर पर दल-बदल विरोधी कानून का उल्लंघन है, इसलिए उनकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए। अब सभी की नजर राज्यसभा के सभापति के निर्णय पर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस बड़े राजनीतिक विवाद पर क्या संवैधानिक कार्रवाई होती है।