AIMIM का महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों में शानदार प्रदर्शन: क्या बदल रही है राजनीति?
AIMIM की नई राजनीतिक पहचान
नई दिल्ली: असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM), ने महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में एक प्रभावशाली प्रदर्शन किया है, जिसने राजनीतिक जगत को चौंका दिया है। इस चुनाव में, पार्टी ने 29 महानगरपालिकाओं में से 12 नगर निगमों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है। AIMIM ने कुल 126 सीटों पर जीत हासिल कर यह साबित कर दिया है कि वह अब केवल एक सीमित क्षेत्र की पार्टी नहीं रह गई है।
राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में AIMIM की बढ़ती ताकत
चुनावी परिणामों की तुलना करते हुए, AIMIM अब महाराष्ट्र में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से आगे निकलती नजर आ रही है। हालांकि, लोकसभा और विधानसभा चुनावों में AIMIM अभी भी NCP से पीछे है, लेकिन स्थानीय राजनीति में उसकी बढ़ती ताकत स्पष्ट है।
ओवैसी की मुस्लिम मतदाताओं के प्रति अपील
मुस्लिम मतदाताओं से ओवैसी की लगातार अपील
2014 में भाजपा सरकार बनने के बाद से, असदुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम मतदाताओं से सीधे संवाद करने की कोशिश की है। उनका तर्क है कि जिन दलों को मुस्लिम वोटर समर्थन देते आए हैं, वे भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीति को प्रभावी रूप से चुनौती नहीं दे पाए हैं।
हालांकि शुरुआती वर्षों में ओवैसी की यह रणनीति ज्यादा प्रभावी नहीं रही, लेकिन पिछले पांच से छह वर्षों में तेलंगाना के बाहर AIMIM को लगातार चुनावी सफलता मिल रही है। यह दर्शाता है कि एक वर्ग अब ओवैसी की बातों से सहमत होता जा रहा है।
बिहार में AIMIM की स्थिति
बिहार में AIMIM की पकड़ बरकरार
बिहार AIMIM के लिए एक महत्वपूर्ण राज्य बन गया है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में पार्टी ने पांच सीटों पर जीत हासिल की। 2020 के विधानसभा चुनाव में भी AIMIM ने पांच सीटें जीती थीं, हालांकि बाद में उनमें से चार विधायक आरजेडी में शामिल हो गए थे। फिर भी, उन्हीं सीटों पर दोबारा जीत दर्ज करना यह दर्शाता है कि मतदाताओं का समर्थन पार्टी के साथ बना हुआ है।
मुंबई में AIMIM का प्रदर्शन
मुंबई में BMC चुनाव ने बढ़ाई चर्चा
मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव में AIMIM का प्रदर्शन विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कर रहा है। पार्टी ने 8 वार्डों में जीत हासिल की, जो उसके लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। मुंबई की मुस्लिम आबादी में लगभग 30 प्रतिशत उत्तर भारतीय मुसलमान शामिल हैं। अब तक इस वर्ग में समाजवादी पार्टी के नेता अबू आजमी का प्रभाव माना जाता रहा है, लेकिन AIMIM की जीत ने यह दिखा दिया है कि उत्तर भारतीय मुस्लिमों का एक बड़ा हिस्सा अब ओवैसी की पार्टी की ओर झुक रहा है।
भविष्य की राजनीति के संकेत
बदलती राजनीति के संकेत
महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों के परिणाम यह संकेत देते हैं कि AIMIM अब केवल एक क्षेत्रीय या सीमित समुदाय की पार्टी नहीं रह गई है। स्थानीय स्तर पर उसकी मजबूत उपस्थिति भविष्य की राजनीति को नया आकार दे सकती है। खासकर उत्तर भारत के राज्यों में, इन नतीजों के बाद राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है। AIMIM का यह प्रदर्शन बताता है कि आने वाले समय में क्षेत्रीय और स्थानीय राजनीति में पार्टी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
