BCCI ने आईपीएल खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए नए नियम लागू करने की योजना बनाई
आईपीएल खिलाड़ियों की सुरक्षा को प्राथमिकता
लखनऊ - भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने बताया कि गवर्निंग बॉडी आईपीएल के दौरान खिलाड़ियों की सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए कड़े नियम लागू करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों तक पहुंच को नियंत्रित किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, बाहरी दखल या सुरक्षा खतरों से बचा जा सके। राजीव शुक्ला ने स्पष्ट किया कि अब प्रशंसकों और बिना अनुमति वाले व्यक्तियों को टीम होटल, टीम बस या खिलाड़ियों के निजी स्थानों पर मिलने की अनुमति नहीं होगी। ये नियम आईपीएल की पारदर्शिता बनाए रखने और खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए अगले कुछ दिनों में लागू किए जा सकते हैं।
बीसीसीआई ने हाल ही में सभी 10 आईपीएल फ्रेंचाइजियों को सात पन्नों की नई गाइडलाइन भेजी है, जिसमें टीमों को 'हनी-ट्रैप' जैसे संभावित खतरों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कारण होटल और टीम से जुड़ी सभी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
नई गाइडलाइन के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी या टीम अधिकारी के कमरे में बिना टीम मैनेजर की जानकारी और अनुमति के कोई भी व्यक्ति नहीं जा सकेगा, चाहे वह खिलाड़ी का दोस्त, रिश्तेदार या कोई अन्य परिचित ही क्यों न हो। सभी टीम मैनेजरों को होटल में आने-जाने वाले मेहमानों और खिलाड़ियों की गतिविधियों का रिकॉर्ड भी रखना होगा।
बीसीसीआई ने यह भी कहा है कि वह समय-समय पर अचानक 'सरप्राइज चेक' करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी फ्रेंचाइजियां नियमों का पालन कर रही हैं। इसके अलावा, बोर्ड ने खिलाड़ियों और अधिकारियों को वेपिंग और ई-सिगरेट से दूर रहने की चेतावनी दी है। हाल ही में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्हें ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते देखा गया था। इसके बाद बीसीसीआई ने सख्त रुख अपनाया है।
बोर्ड ने कहा कि भारत में वेप और ई-सिगरेट का उपयोग कानूनन प्रतिबंधित है। यदि कोई खिलाड़ी या अधिकारी ऐसा करते पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजी मालिकों के लिए भी नए निर्देश जारी किए हैं। मैच के दौरान मालिकों को डगआउट में खिलाड़ियों, कोच या सपोर्ट स्टाफ से बातचीत करने से मना किया गया है। बोर्ड का मानना है कि इससे खेल के दौरान अनावश्यक दबाव और बाहरी दखल कम होगा। इन नए नियमों का उद्देश्य आईपीएल को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और पेशेवर बनाना है, ताकि खिलाड़ियों और टूर्नामेंट की विश्वसनीयता बनी रहे।
