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CBI की कार्रवाई: अनिल अंबानी की कंपनी RCom के अधिकारियों की गिरफ्तारी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर SBI की शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी का आरोप है। इस मामले में 17 बैंकों के कंसोर्टियम को भारी नुकसान हुआ है। जांच में पता चला है कि अधिकारियों ने शेल कंपनियों के माध्यम से फंड का दुरुपयोग किया। यह मामला पहले से दर्ज कई मामलों का हिस्सा है, जिसमें अनिल अंबानी से भी पूछताछ की गई है।
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CBI की कार्रवाई: अनिल अंबानी की कंपनी RCom के अधिकारियों की गिरफ्तारी

केंद्रीय जांच ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उद्योगपति अनिल अंबानी की स्वामित्व वाली रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शिकायत पर दर्ज धोखाधड़ी के मामले में, सीबीआई ने कंपनी के दो उच्च अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों की पहचान डी. विश्वनाथ और अनिल काल्या के रूप में हुई है। SBI का आरोप है कि कंपनी ने क्रेडिट सुविधाओं के तहत प्राप्त फंड का दुरुपयोग किया, जिससे अकेले SBI को 2929.05 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है।


शेल कंपनियों के माध्यम से वित्तीय हेरफेर

एसबीआई द्वारा की गई शिकायत के अनुसार, इस बड़े फर्जीवाड़े के कारण 17 बैंकों के कंसोर्टियम को लगभग 19,694.33 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जांच में यह सामने आया है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस के कई अधिकारियों ने मिलकर विभिन्न शेल कंपनियों का निर्माण किया था। बैंकों से लिए गए लोन की राशि को सर्विस से जुड़े फर्जी लेनदेन के नाम पर इन शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया गया। इस प्रकार, बैंकों से प्राप्त फंड को डायवर्ट करके इस बड़े वित्तीय घोटाले को अंजाम दिया गया।


गिरफ्तार अधिकारियों की भूमिका

सीबीआई की जांच में यह भी पता चला है कि डी. विश्वनाथ रिलायंस कम्युनिकेशंस में बैंकिंग ऑपरेशंस के जॉइंट प्रेसिडेंट थे। एजेंसी का आरोप है कि उनके निर्देशों पर बैंकों से लिए गए पैसों का गलत इस्तेमाल किया गया। वे लगातार बैंकों के संपर्क में थे और उनके माध्यम से कंपनी के खातों में लोन की राशि का वितरण किया गया। अनिल काल्या ने भी इस गोरखधंधे में उनका पूरा सहयोग किया। दोनों अधिकारी कंपनी के कॉरपोरेट फाइनेंस, पेमेंट्स और बैंकिंग ऑपरेशंस का कार्य संभालते थे। सीबीआई अब इन दोनों को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड मांगने की तैयारी कर रही है।


अन्य मामलों की जानकारी

यह रिलायंस कम्युनिकेशंस के खिलाफ पहला मामला नहीं है। हाल के महीनों में, सीबीआई ने सरकारी बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की शिकायतों के आधार पर अनिल अंबानी की कंपनी के खिलाफ 7 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इन मामलों में कंपनी पर आरोप है कि उसने बिजनेस संचालन के लिए लिए गए हजारों करोड़ रुपये का कर्ज शेल कंपनियों में डायवर्ट किया। इस वित्तीय घोटाले की जांच के सिलसिले में सीबीआई ने अनिल अंबानी को भी तलब कर उनसे पूछताछ की है।