CBSE परीक्षा में हैकिंग के दावे पर विवाद, बोर्ड ने दी सफाई
CBSE पर लगे हैकिंग के आरोप
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) इस समय विवादों में घिरा हुआ है। कई छात्र यह आरोप लगा रहे हैं कि उनकी परीक्षा की कॉपियां बदल दी गई हैं। सोशल मीडिया पर इस तरह के दावों की भरमार है, जिसमें एक छात्र ने कहा कि उसने फरवरी में CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल को हैक कर लिया था। छात्र का कहना है कि उसने इस घटना की जानकारी भी दी थी और वह आसानी से टीचर का नाम और रोल नंबर बदल सकता था। हालांकि, CBSE ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि जिस पोर्टल की बात की जा रही है, वह केवल परीक्षण के लिए बनाई गई एक वेबसाइट है और इसका उपयोग कॉपी चेकिंग के लिए नहीं किया जाता है।
वेदांत का दावा और CBSE की प्रतिक्रिया
इससे पहले, एक छात्र वेदांत ने दावा किया था कि रीचेकिंग के लिए मांगी गई उसकी कॉपी असली नहीं थी। इस दावे के बाद CBSE ने इसे सही पाया और वेदांत को सही कॉपी भेजी। बोर्ड ने यह भी बताया कि लाखों छात्रों को उनकी कॉपियां भेजी गई हैं और इस गड़बड़ी की जांच की जा रही है।
CBSE का आधिकारिक बयान
CBSE ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'सोशल मीडिया पर एक यूजर ने दावा किया है कि उसने 26 फरवरी 2026 को एक कथित यूआरएल वाले सीबीएसई ओएसएम पोर्टल को हैक किया था। यह स्पष्ट किया जाता है कि आंसर शीट की चेकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले असली पोर्टल का यूआरएल अलग है, जिससे न तो सुरक्षा में कोई समझौता हुआ है और न ही सोशल मीडिया पोस्ट में बताई गई खामियां मौजूद हैं।'
बोर्ड ने आगे कहा कि यह कथित यूआरएल केवल परीक्षण के लिए बनाई गई एक वेबसाइट है, जिसमें केवल सैंपल डेटा है।
हैकिंग के दावे की गंभीरता
एक यूजर ने 22 मई को CBSE के OSM पोर्टल को हैक करने का दावा किया था। 'निसर्ग' नाम के इस यूजर ने कहा कि उसने सुरक्षा खामियों की रिपोर्ट सीईआरटी-इन को दी थी। निसर्ग ने यह भी कहा कि वह टीचर का नाम, रोल नंबर और बैंक विवरण बदल सकता था।
उन्होंने यह भी दावा किया कि वह छात्रों की आंसर शीट पर अंक भी जोड़ सकता था। निसर्ग ने कहा कि वेबसाइट के डिजाइन में लीक हुए एक मास्टर पासवर्ड का उपयोग करके किसी भी परीक्षक के रूप में लॉग इन करना संभव था।
CBSE की सुरक्षा व्यवस्था
CBSE ने कहा है कि बोर्ड ने मूल्यांकन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह प्रणाली लागू की है, जिसमें शिकायत निवारण के मजबूत तंत्र शामिल हैं। इसके साथ ही, बोर्ड ने सभी संबंधितों को आश्वस्त किया है कि तकनीकी खामियों के संबंध में लागू की गई प्रणाली की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय किए गए हैं।
गलत यूआरएल का मामला
बोर्ड ने एक और बयान जारी किया, जिसमें बताया गया कि पिछले पोस्ट में दिया गया यूआरएल गलत था और वह उस व्यक्ति के ब्लॉग पर ले जा रहा था जिसने हैकिंग का दावा किया था। CBSE ने कहा कि टाइपिंग की गलती के कारण यूआरएल में अनजाने में एक अतिरिक्त 'एस' जुड़ गया था।
