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केंद्रीय पेट्राेलियम मंत्री ने असम काे उर्जा क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए केन्द्र की प्रतिबद्धता दाेहराई

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केंद्रीय पेट्राेलियम मंत्री ने असम काे उर्जा क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए केन्द्र की प्रतिबद्धता दाेहराई


- असम एडवांटेज 2.0 में राज्य के ऊर्जा क्षेत्र की संभावनाओं की खोज पर हुआ मंथन

- मुख्यमंत्री डाॅ सरमा ने बंगाईगांव रिफाइनरी की क्षमता विस्तार के लिए मांगा सहयोग

गुवाहाटी, 26 फरवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने एडवांटेज असम 2.0 में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से बंगाईगांव रिफाइनरी की क्षमता में बढ़ाने के लिए सहयाेग मांगा। इस पर केन्द्रीय मंत्री पुरी ने राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को और बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार की प्रतिबद्धता जताई। मुख्यमंत्री ने कोकराझाड़ और आमगुरी में कई सीएनजी खुदरा परियोजनाओं का भी वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन भी किया।

बुधवार को एडवांटेज असम 2.0 में असम की ऊर्जा क्षमता को खोलना : भविष्य के लिए तैयार तेल और गैस अवसंरचना का निर्माण, नवाचार और वैश्विक ऊर्जा बदलावों के साथ निवेश विषय पर एक विषयगत सत्र आयाेजित किया गया। इस सत्र में तेल और गैस क्षेत्र में असम की रणनीतिक पहलों पर चर्चा की गई, जिसमें वैश्विक ऊर्जा बदलावों के साथ ऊर्जा अवसंरचना विकास, नवाचार और निवेश के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया गया।

इस माैके पर मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने कहा कि असम ने भारत के तेल उद्योग की प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाई है। असम के पास विशाल हाइड्रोकार्बन भंडार और कुशल कार्यबल है। राज्य में देश के प्राकृतिक गैस भंडार का 12 फीसदी हिस्सा है और भारत की आधी प्राकृतिक गैस का उत्पादन करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चार चालू रिफाइनरियों और 7.45 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) की संयुक्त शोधन क्षमता के साथ असम देश को ईंधन देने के लिए ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करता है। राज्य के खुदरा नेटवर्क में 1,180 आउटलेट शामिल हैं और इसकी वार्षिक एलपीजी खपत 0.5 एमएमटी है। पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के प्रमुख खिलाड़ी, जैसे ब्रह्मपुत्र क्रैकर एंड पॉलिमर लिमिटेड (बीसीपीएल), असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड (एपीएल) और नुमलीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) भी राज्य के राजस्व में काफी योगदान करते हैं, जिसमें रॉयल्टी और कर सालाना 11,700 करोड़ रुपये से अधिक हैं। असम के हाइड्रोकार्बन क्षेत्र के लिए क्षितिज को आशाजनक बताते हुए उन्होंने कहा कि 2030 तक कच्चे तेल की उपलब्धता दोगुनी होने का अनुमान है और प्राकृतिक गैस का उत्पादन 3.2 से बढ़कर 6.3 बिलियन क्यूबिक मीटर (बीसीएम) हो जाएगा।

एडवांटेज असम 2.0 के विशेष सत्र में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की उपस्थिति में मुख्यमंत्री डाॅ सरमा ने कहा कि दूरदर्शी हाइड्रोकार्बन विजन 2030 के तहत असम में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की प्रगति देखी जा रही है। बरौनी-गुवाहाटी पाइपलाइन (बीजीपीएल) जैसी परियोजनाएं असम को राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जोड़ रही हैं और 1,670 किलोमीटर का नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड (एनईजीजी) क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा दे रहा है, जिससे निर्बाध ऊर्जा वितरण सुनिश्चित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है, जिसमें राज्यभर में 22 सीएनजी स्टेशन हैं, जो नागरिकों के बीच स्वच्छ ऊर्जा अपनाने को बढ़ावा दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने कहा कि ऑयल इंडिया लिमिटेड ने जोरहाट में भारत का पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट चालू किया है, जो सौर ऊर्जा का उपयोग करके प्रतिदिन 10 किलोग्राम हाइड्रोजन का उत्पादन करता है। उन्होंने कहा कि असम अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम निवेश के अवसरों का खजाना प्रस्तुत करता है। ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, टिकाऊ विमानन ईंधन, संपीड़ित बायोगैस और स्मार्ट रसायनों के रास्ते के साथ ऊर्जा संक्रमण का क्षेत्र भी समान रूप से आशाजनक है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से बंगाईगांव रिफाइनरी की क्षमता विस्तार में मदद करने का भी अनुरोध किया। सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने कोकराझाड़ और आमगुरी में कई सीएनजी खुदरा परियोजनाओं का भी वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया।

सत्र में अपने संबाेधन में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ऑयल फील्ड रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट और ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी जैसे प्रमुख नीतिगत ढांचों पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को और बढ़ावा देने में केन्द्र सरकार की प्रतिबद्धता दाेहरायी। उन्होंने विश्वास जताया कि असम देश के ऊर्जा सुरक्षा ढांचे में एक बड़ी भूमिका निभाएगा। सत्र के हिस्से के रूप में आयोजित एक आकर्षक चर्चा में उद्योग विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं ने भारत के ऊर्जा रोडमैप में असम की उभरती भूमिका पर विचार-विमर्श किया, जिसमें क्षेत्र में नई और नवीकरणीय ऊर्जा, तकनीकी नवाचार और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे विषय शामिल थे।

बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप के एमडी और पार्टनर कौस्तुभ वर्मा के संचालित इस पैनल चर्चा में ऑयल इंडिया लिमिटेड के सीएमडी डॉ. रंजीत रथ, नुमलीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड के एमडी भास्कर ज्योति फूकन, केयर्न वेदांता के अन्वेषण प्रमुख डॉ. स्टीफन सैम अलगर, मैथ्स ऑन हाइड्रोजन प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक और कंट्री हेड सौगत घोष और अदानी टोटल गैस लिमिटेड (एटीजीएल) के सीईओ सुरेश मंगलानी शामिल हुए। असम सरकार के खान और खनिज विभाग के मंत्री कौशिक राय ने स्वागत भाषण दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश