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CNG की कीमतों में फिर से वृद्धि, उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर

हाल ही में CNG की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि हुई है, जिससे उपभोक्ताओं को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली में CNG की कीमत 81.09 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों के चालकों पर पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में वृद्धि इसके पीछे का मुख्य कारण है। जानें इस बढ़ोतरी के अन्य प्रभाव और कारणों के बारे में।
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CNG की कीमतों में फिर से वृद्धि, उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर

CNG की कीमतों में बढ़ोतरी

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। आज एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा हुआ है, जिससे CNG उपभोक्ताओं को भी महंगाई का बड़ा झटका लगा है। दिल्ली-NCR सहित कई शहरों में CNG के दामों में एक रुपये की बढ़ोतरी की गई है। हाल के दिनों में CNG की कीमतों में यह तीसरी बार वृद्धि हुई है।


दिल्ली में CNG की नई कीमतें

दिल्ली में CNG की कीमत में एक रुपये प्रति किलो की वृद्धि की गई है। नई कीमतों के लागू होने के बाद, दिल्ली में CNG का रेट 80 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है।


मई में लगातार बढ़ते दाम

इससे पहले मई महीने में भी CNG की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। 17 मई को CNG के दाम में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि हुई थी, जबकि 15 मई को 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी। मुंबई, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों में भी दाम बढ़ने से टैक्सी, ऑटो और निजी वाहनों के चालकों पर सीधा असर पड़ रहा है।


किस पर पड़ेगा असर?

CNG की कीमतों में वृद्धि का सबसे अधिक प्रभाव उन लोगों पर पड़ेगा जो रोजाना ऑटो, टैक्सी या CNG वाहनों का उपयोग करते हैं। दिल्ली-NCR में लाखों वाहन CNG पर चलते हैं, जिससे किराए में वृद्धि की संभावना बढ़ गई है। ट्रांसपोर्ट सेक्टर में लागत बढ़ने से सामान की ढुलाई महंगी हो सकती है, जिसका प्रभाव आम लोगों की जेब पर भी पड़ेगा।


शहरों में नए रेट

नई बढ़ोतरी के बाद, दिल्ली में CNG की कीमत 81.09 रुपये प्रति किलो हो गई है, जबकि मुंबई में यह 84 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में भी कीमतों में इजाफा हुआ है। विभिन्न राज्यों में टैक्स और स्थानीय चार्ज के अनुसार रेट अलग-अलग हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो आने वाले दिनों में CNG की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है।


CNG की कीमतों में वृद्धि के कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि इसका मुख्य कारण है। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और सप्लाई चेन पर प्रभाव के कारण भारत में गैस कंपनियों की लागत बढ़ गई है। चूंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू CNG कीमतों पर पड़ता है।


सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि लंबे समय तक कीमतें स्थिर रखने के कारण उन पर भारी आर्थिक दबाव पड़ा है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हाल ही में कहा था कि सरकारी कंपनियां रोजाना हजारों करोड़ रुपये का बोझ उठा रही थीं। इसी कारण अब धीरे-धीरे ईंधन की कीमतों में वृद्धि की जा रही है।