I-PAC के डायरेक्टर विनेश चंदेल को मिली जमानत, जानें पूरा मामला
I-PAC के डायरेक्टर को मिली जमानत
पश्चिम बंगाल के चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के कामकाज की देखरेख करने वाली एजेंसी I-PAC हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। चुनाव के दौरान कई अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद, इसका कार्य लगभग ठप हो गया था। अब, पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण की वोटिंग के बाद, I-PAC के निदेशक विनेश चंदेल को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत प्रदान की है। कोर्ट ने यह शर्त रखी है कि विनेश को जांच के लिए बुलाए जाने पर उपस्थित होना होगा और बिना प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अनुमति के विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगे।
गिरफ्तारी का कारण
विनेश चंदेल को 14 अप्रैल को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने इसका विरोध किया। गिरफ्तारी के बाद, कोलकाता में I-PAC का कार्यालय बंद कर दिया गया और कई कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया। हालांकि, कंपनी ने अपने कार्य को पूरी तरह से बंद नहीं किया।
जमानत कैसे मिली?
विनेश चंदेल की ओर से वरिष्ठ वकील विकास पाहवा ने बताया कि उन्होंने एक नियमित जमानत याचिका दायर की थी। ईडी ने जमानत का विरोध नहीं किया और कहा कि विनेश ने जांच में सहयोग किया है। कुछ शर्तें लगाई गई हैं, जैसे कि वह जांच में सहयोग करेंगे और बिना ईडी को बताए विदेश नहीं जाएंगे।
गिरफ्तारी का मामला
ईडी के अनुसार, विनेश चंदेल का संबंध 50 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग से है। यह मामला पश्चिम बंगाल में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड से अवैध कोयला निकालने और बेचने से संबंधित है। ईडी का आरोप है कि इस तरह से अर्जित धन का उपयोग चुनाव में किया गया। पहले, विनेश चंदेल से पूछताछ की गई थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
अन्य छापेमारी
इससे पहले, I-PAC से जुड़े प्रतीक जैन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ भी ईडी ने छापेमारी की थी। प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी भी वहां पहुंच गई थीं और कुछ फाइलें अपने साथ ले गई थीं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें फटकार लगाई थी।
