गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन: 15 दिनों के लिए टोल फ्री यात्रा
गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
उत्तर प्रदेश के निवासियों के लिए गंगा एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह से चालू हो चुका है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगले 15 दिनों तक इस पर कोई टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस 594 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया है। पहले मेरठ से प्रयागराज की यात्रा में 12 घंटे लगते थे, अब यह केवल 6 घंटे में पूरी होगी। यूपी सरकार ने यात्रियों को तोहफा देते हुए पहले दो हफ्तों के लिए यात्रा को पूरी तरह से मुफ्त रखा है।
टोल वसूली की जानकारी
गंगा एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वालों को फिलहाल टोल का भुगतान नहीं करना होगा। यूपी सरकार ने निर्माण कंपनियों, IRB इन्फ्रास्ट्रक्चर और अडानी इन्फ्रास्ट्रक्चर से अगले 15 दिनों के लिए टोल वसूली को रोकने का अनुरोध किया है। इस अवधि में टोल न वसूलने से कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई राज्य सरकार करेगी। प्रशासन के अनुसार, टोल दरें पहले से तय हैं, लेकिन उन्हें लागू करने में लगभग दो हफ्ते का समय लगेगा।
एक्सप्रेसवे का मार्ग
यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी को पूर्वांचल से सीधे जोड़ता है। यह मार्ग मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जिलों से होकर गुजरता है। इन सभी जिलों के निवासियों के लिए यात्रा अब अधिक सरल और तेज हो जाएगी।
टोल शुल्क की जानकारी
15 दिनों के मुफ्त सफर के बाद टोल वसूली शुरू की जाएगी। मेरठ से प्रयागराज जाने के लिए कार से यात्रा करने वालों को 1,800 रुपये का टोल देना होगा। बाइक और ट्रैक्टर के लिए यह शुल्क 905 रुपये है। छोटे वाणिज्यिक वाहनों के लिए 2,840 रुपये और बस या ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए 5,720 रुपये का टोल निर्धारित किया गया है।
यात्रियों के लिए सुविधाएं
यात्रियों की सुविधा के लिए मार्ग पर 9 स्थानों पर विश्राम और भोजन के लिए विशेष पॉइंट बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिए पूरे मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सुरक्षा गार्ड भी तैनात रहेंगे। यदि यात्रा के दौरान किसी की गाड़ी का पेट्रोल खत्म होता है या गाड़ी खराब होती है, तो उसे तुरंत सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रोजेक्ट की लागत और लाभ
इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत लगभग 36,230 करोड़ रुपये है। एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। इसके अलावा, प्रयागराज और हरिद्वार जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के बीच संपर्क बढ़ेगा, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
