भारत की हवाई सुरक्षा को मजबूती: रूस से 5 नए एस-400 सिस्टम की खरीद
पाकिस्तान-चीन सीमा पर तैनाती की योजना
S 400 Air Defense Systems, नई दिल्ली: भारत ने रूस से 5 नए एस-400 सुदर्शन एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने का निर्णय लिया है। रक्षा मंत्रालय जल्द ही वायुसेना के प्रस्ताव को स्वीकृति के लिए आगे बढ़ाएगा। सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष आॅपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 सिस्टम के प्रदर्शन के बाद यह निर्णय लिया गया है। रक्षा अधिकारियों ने बताया कि नए सिस्टम को पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर तैनात किया जाएगा, जिससे चीन और पाकिस्तान के खिलाफ भारत की हवाई सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होगी।
आॅपरेशन सिंदूर में एस-400 की महत्वपूर्ण भूमिका
आॅपरेशन सिंदूर के दौरान, एस-400 सिस्टम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें पाकिस्तान के 5-6 लड़ाकू विमानों और एक जासूसी विमान को 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर नष्ट किया गया था। वायुसेना ने इसे भारत की हवाई सुरक्षा रणनीति का गेम चेंजर बताया।
2018 में हुआ था पहला समझौता
भारत और रूस के बीच 2018 में एस-400 सिस्टम के 5 स्क्वाड्रन खरीदने का समझौता हुआ था। इनमें से 3 स्क्वाड्रन पहले ही भारतीय वायुसेना में शामिल हो चुके हैं, जबकि शेष की आपूर्ति प्रक्रिया जारी है। वायुसेना एस-400 सिस्टम के लिए अतिरिक्त मिसाइलों की खरीद पर भी विचार कर रही है, जिसके लिए रूस के साथ बातचीत चल रही है।
एस-400 डिफेंस सिस्टम की विशेषताएँ
एस-400 ट्रायम्फ एक उन्नत मिसाइल प्रणाली है, जिसे 2007 में लॉन्च किया गया था। यह सिस्टम फाइटर जेट, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों, ड्रोन और स्टेल्थ विमानों को नष्ट करने में सक्षम है। यह हवा में विभिन्न प्रकार के खतरों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक मजबूत ढाल के रूप में कार्य करता है।
