भारतीय सेना की ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने की योजना: 800 किमी रेंज
दिल्ली से इस्लामाबाद को निशाना बनाने की क्षमता
भारतीय सेना 800 किमी से अधिक रेंज वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदने की योजना बना रही है। रक्षा मंत्रालय की एक उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव को जल्द ही मंजूरी मिलने की संभावना है। मई 2025 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल का उपयोग किया गया था, जिसमें भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान एयरफोर्स के कई ठिकानों को निशाना बनाया था।
नई मिसाइलों के आने से दिल्ली से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद को निशाना बनाना संभव होगा, क्योंकि दोनों शहरों के बीच की हवाई दूरी 700 किमी है। वर्तमान में, सेना के पास 450 किमी तक मारक क्षमता वाली ब्रह्मोस मिसाइलें उपलब्ध हैं। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, सेना इस नए संस्करण का बड़ा ऑर्डर देने की योजना बना रही है।
ब्रह्मोस: भारत-रूस का संयुक्त प्रयास
ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल भारत और रूस का एक संयुक्त प्रोजेक्ट है, जिसका अधिकांश हिस्सा अब स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। यह मिसाइल तीनों सेनाओं के पास उपलब्ध है और इसे हवा, समुद्र और जमीन से हमले के लिए उपयोग किया जा सकता है। इसे भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन और रूस के फेडरल स्टेट यूनिटरी इंटरप्राइज के बीच सहयोग से विकसित किया गया है।
ब्रह्मोस एक मध्यम श्रेणी की स्टील्थ रैमजेट सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे जहाज, पनडुब्बी, एयरक्राफ्ट या जमीन से लॉन्च किया जा सकता है। रक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस मिसाइल का नाम भगवान ब्रह्मा के शक्तिशाली शस्त्र ब्रह्मास्त्र के नाम पर रखा गया है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि इसका नाम भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मोस्कवा नदियों के नाम पर रखा गया है। इसे दुनिया की सबसे तेज एंटी-शिप क्रूज मिसाइल माना जाता है।
