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DGCA का नया नियम: फ्लाइट में पावर बैंक चार्जिंग पर रोक

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने हवाई यात्रा में पावर बैंक चार्जिंग पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह कदम लिथियम बैटरियों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उठाया गया है। यात्रियों को अपने हैंड बैग में पावर बैंक रखने की अनुमति है, लेकिन इसका उपयोग या चार्जिंग करना मना है। जानें इस नए नियम के पीछे के कारण और सुरक्षा उपायों के बारे में।
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DGCA का नया नियम: फ्लाइट में पावर बैंक चार्जिंग पर रोक

नई दिल्ली में महत्वपूर्ण घोषणा

नई दिल्ली: हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने विमान में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक सख्त निर्णय लिया है। अब फ्लाइट के भीतर पावर बैंक को चार्ज करने या उसे सीट के पावर सिस्टम से जोड़ने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम हाल के समय में लिथियम बैटरियों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उठाया गया है। नए नियमों के अनुसार, यात्री अपने हैंड बैग में पावर बैंक रख सकते हैं, लेकिन यात्रा के दौरान इसका उपयोग या चार्जिंग करना पूरी तरह से मना है।


DGCA की सतर्कता

DGCA ने इस विषय पर एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि लिथियम बैटरी आग लगने का एक प्रमुख कारण बन सकती हैं। अक्सर यात्री अपना सामान ओवरहेड बिन में रखते हैं, और यदि वहां रखे पावर बैंक में आग लग जाए, तो क्रू या यात्रियों के लिए वहां तक पहुंचना और आग बुझाना कठिन हो सकता है। इसी खतरे को कम करने के लिए फ्लाइट में पावर बैंक चार्ज करने पर पाबंदी लगाई गई है। दिसंबर से लागू हुई इस नई एडवाइजरी में एयरलाइंस को लिथियम बैटरी ले जाने के लिए 'सेफ्टी रिस्क असेसमेंट' करने और ऑनबोर्ड अनाउंसमेंट के माध्यम से यात्रियों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।


लिथियम बैटरी का खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार, लिथियम बैटरी में आग लगने का खतरा सामान्य बैटरियों की तुलना में अधिक होता है। खराब गुणवत्ता, ओवरचार्जिंग या शॉर्ट सर्किट के कारण यह बैटरी 'थर्मल रनअवे' का शिकार हो सकती है, जिससे भयानक आग लग सकती है। यह आग इतनी तीव्र होती है कि इसे बुझाना आसान नहीं होता और कभी-कभी डिवाइस में विस्फोट भी हो सकता है। एक बंद हवाई जहाज के केबिन में यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।


अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस की पहल

सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह कदम उठाने वाला भारत अकेला देश नहीं है। कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस जैसे एमिरेट्स, सिंगापुर एयरलाइंस, कैथे पैसिफिक और कतर एयरवेज पहले ही फ्लाइट में पावर बैंक के उपयोग पर रोक लगा चुकी हैं। इन एयरलाइंस में यात्रियों को 100 वॉट-घंटे से कम क्षमता वाले पावर बैंक ले जाने की अनुमति है, लेकिन उन्हें चार्ज करना सख्त मना है।


विशेषज्ञों की चेतावनी

एविएशन विशेषज्ञों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है और एयरलाइंस को हैंड बैग नियमों का सख्ती से पालन कराने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार केबिन में जगह कम होने पर हैंड बैग को कार्गो होल्ड में रखा जाता है। यदि उस बैग में पावर बैंक हो, तो यह सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है, क्योंकि कार्गो में लगी आग का पता लगाना और उसे बुझाना बेहद कठिन होता है। DGCA ने यात्रियों को सलाह दी है कि यदि उन्हें अपने डिवाइस में ओवरहीटिंग या धुआं दिखाई दे, तो तुरंत केबिन क्रू को सूचित करें।