EPFO की नई योजना: निष्क्रिय खातों में पड़े पैसे सीधे बैंक में ट्रांसफर होंगे
EPFO की नई ऑटो-सेटलमेंट सुविधा
नई दिल्ली। हालिया मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) निष्क्रिय खातों में जमा करोड़ों रुपये को निकालने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है। EPFO एक नई ऑटो-सेटलमेंट सुविधा विकसित कर रहा है, जिसके तहत खाताधारकों को बिना किसी दावे के सीधे उनके बैंक खातों में राशि प्राप्त होगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद, लोगों को किसी प्रकार की कागजी प्रक्रिया या दावा करने की आवश्यकता नहीं होगी। जिन खातों में वर्षों से पैसा जमा है, वह स्वतः संबंधित बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
EPFO के आंकड़ों के अनुसार, आधार से सत्यापित लगभग 81 लाख निष्क्रिय खातों में करीब 5,200 करोड़ रुपये जमा हैं। इनमें हजारों ऐसे खाते भी शामिल हैं जिनमें बड़ी राशि मौजूद है—करीब 14,000 खातों में 5 लाख रुपये से अधिक, जबकि 38,000 खातों में 1 से 5 लाख रुपये तक की राशि है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 तक EPFO के पास कुल 31.8 लाख निष्क्रिय खातों में 10,181 करोड़ रुपये से अधिक की लावारिस राशि पड़ी हुई है। प्रारंभिक चरण में केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) ने 1,000 रुपये तक की राशि वाले खातों के ऑटो-सेटलमेंट को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय का सबसे अधिक लाभ उन लोगों को होगा जो रिटायर हो चुके हैं या जिनके खाते आधार से लिंक होने के बावजूद लंबे समय से क्लेम नहीं किए गए हैं। EPFO के नियमों के अनुसार, जिन खातों में लंबे समय तक कोई योगदान नहीं होता और ब्याज मिलना बंद हो जाता है, उन्हें निष्क्रिय कर दिया जाता है। आमतौर पर 55 वर्ष की आयु में रिटायर होने वाले सदस्यों के खाते तीन वर्षों तक निष्क्रिय रहने पर इस श्रेणी में आ जाते हैं। अब नई ऑटो-सेटलमेंट सुविधा से ऐसे लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है, जिनका पैसा वर्षों से फंसा हुआ था।
