FSSAI ने अश्वगंधा की पत्तियों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया
खाद्य सुरक्षा में नया कदम
नई दिल्ली - खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और मिलावट पर नियंत्रण के लिए Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत, अश्वगंधा की पत्तियों के उपयोग पर रोक लगा दी गई है, और कंपनियों को केवल अश्वगंधा की जड़ और मानक एक्सट्रैक्ट का उपयोग करने की अनुमति दी गई है।
गाइडलाइन का उद्देश्य
यह निर्देश Ministry of AYUSH के सहयोग से जारी किए गए हैं। यदि किसी खाद्य या स्वास्थ्य सप्लीमेंट में अश्वगंधा की पत्तियों का उपयोग पाया गया, तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लेबलिंग के लिए नए नियम
लेबलिंग को लेकर भी सख्त नियम
सरकार ने स्वास्थ्य सप्लीमेंट बनाने वाली कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपने उत्पादों पर स्पष्ट रूप से यह उल्लेख करें कि उनमें अश्वगंधा का कितना प्रतिशत शामिल है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सही जानकारी प्रदान करना और भ्रामक दावों को रोकना है।
अश्वगंधा की विशेषताएँ
क्या है अश्वगंधा?
अश्वगंधा एक प्रमुख आयुर्वेदिक औषधीय जड़ी-बूटी है, जिसका उपयोग स्वास्थ्य लाभ के लिए सदियों से किया जा रहा है। इसकी जड़ को विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है, जो शरीर की ताकत, रोग प्रतिरोधक क्षमता और तनाव को कम करने में सहायक होती है।
पत्तियों पर प्रतिबंध का कारण
पत्तियों पर रोक क्यों?
विशेषज्ञों के अनुसार, अश्वगंधा की पत्तियों में रिएक्टिव विथानोलाइड्स की मात्रा अधिक होती है, जो अधिक सेवन पर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। इससे लिवर, पाचन तंत्र और नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। कई यूरोपीय देशों जैसे Poland और Hungary में पहले ही इसके पत्तों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
जड़ के फायदे और सावधानियाँ
जड़ के फायदे, लेकिन सावधानी जरूरी
अश्वगंधा की जड़ के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, जैसे तनाव कम करना, ऊर्जा बढ़ाना और इम्युनिटी को मजबूत करना। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सेवन सीमित मात्रा में और सही तरीके से करना चाहिए, क्योंकि अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए कदम
सरकार का यह निर्णय उपभोक्ताओं की सुरक्षा और खाद्य गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
