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Grok AI पर अश्लील सामग्री के लिए सख्त नियम, अकाउंट बैन की चेतावनी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने अपने एआई एप ग्रोक के माध्यम से बनाए जा रहे अश्लील कंटेंट के खिलाफ कड़े नियम लागू किए हैं। यदि कोई उपयोगकर्ता ग्रोक का उपयोग करके आपत्तिजनक सामग्री बनाता है, तो उसका अकाउंट स्थायी रूप से निलंबित कर दिया जाएगा। इस निर्णय के पीछे भारत सरकार की आपत्ति है। शिवसेना सांसद प्रियंका चतुवेर्दी ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। जानें इस विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
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Grok AI पर अश्लील सामग्री के लिए सख्त नियम, अकाउंट बैन की चेतावनी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने नियमों को किया सख्त


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स ने अपने एआई एप ग्रोक के माध्यम से बनाए जा रहे अश्लील कंटेंट के खिलाफ कड़े नियम लागू किए हैं। यदि कोई उपयोगकर्ता ग्रोक का उपयोग करके आपत्तिजनक सामग्री बनाता है, तो उसका अकाउंट स्थायी रूप से निलंबित कर दिया जाएगा। कंपनी ने यह निर्णय भारत सरकार द्वारा उठाए गए मुद्दों के तीन दिन बाद लिया। केंद्र सरकार ने 2 जनवरी को एक्स को निर्देश दिया था कि वह ग्रोक से उत्पन्न अश्लील सामग्री को तुरंत हटाए, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


इलॉन मस्क का बयान

एक्स के मालिक इलॉन मस्क ने शनिवार को कहा कि कुछ लोग ग्रोक पर आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन यह पेन को दोष देने जैसा है। मस्क ने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि उपयोगकर्ता क्या इनपुट देता है, और जिम्मेदारी टूल की नहीं, बल्कि उसे उपयोग करने वाले व्यक्ति की होती है।


प्रियंका चतुवेर्दी का पत्र

शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुवेर्दी ने एआई चैटबोट ग्रोक के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक पत्र लिखा, जिसमें कहा गया कि कुछ लोग ग्रोक की मदद से महिलाओं की असली तस्वीरों को आपत्तिजनक रूप में बदल रहे हैं, जो एक गंभीर मुद्दा है।


महिलाओं की तस्वीरों का दुरुपयोग

कुछ उपयोगकर्ता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फर्जी अकाउंट बनाते हैं और महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट करते हैं। इसके बाद ग्रोक एआई को निर्देश दिया जाता है कि महिलाओं की तस्वीरों को गलत और आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत किया जाए। इन तस्वीरों के लिए महिलाओं से अनुमति नहीं ली जाती, और कई बार वे खुद भी नहीं जानतीं कि उनकी तस्वीरों का ऐसा उपयोग हो रहा है। आरोप है कि ग्रोक इस तरह की गलत मांगों को रोकने के बजाय उन्हें स्वीकार कर लेता है।