ITR फाइलिंग 2025: टैक्स रिफंड में देरी के कारण और समाधान

ITR फाइलिंग की अंतिम तिथि नजदीक
ITR Filing 2025: आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि तेजी से नजदीक आ रही है। इस वर्ष की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2025 है, और लाखों लोग पहले ही अपना रिटर्न दाखिल कर चुके हैं। हालांकि, कई लोगों को अभी तक उनका टैक्स रिफंड प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
रिफंड में देरी के सामान्य कारण
टैक्स रिफंड में देरी के कई संभावित कारण हो सकते हैं। यदि आपने सही तरीके से रिटर्न दाखिल किया है और समय पर ई-वेरिफिकेशन किया है, तो आपको रिफंड 7 से 15 दिनों के भीतर मिल सकता है। लेकिन यदि कोई गलती हुई है, तो इसमें अधिक समय लग सकता है।
रिफंड में देरी होने पर क्या करें
यदि आपने समय पर अपना रिटर्न दाखिल किया है और उसे सत्यापित भी कर लिया है, लेकिन फिर भी रिफंड नहीं आया है, तो सबसे पहले आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपने आईटीआर की प्रोसेसिंग स्थिति की जांच करें।
यदि प्रोसेसिंग पूरी हो गई है और रिफंड की स्थिति 'जारी' दिखाई दे रही है, तो अपने बैंक स्टेटमेंट की भी जांच करें। यदि कोई विसंगति पाई जाती है, तो आप रिफंड को दोबारा जारी करने का अनुरोध कर सकते हैं। यदि आपका रिफंड 30 दिनों से अधिक समय लेता है, तो आपको आयकर अधिनियम के तहत ब्याज भी मिल सकता है, लेकिन यह कुछ शर्तों के अधीन है।
टैक्स रिफंड में देरी के प्रमुख कारण
गलत या अधूरी बैंक जानकारी
यह सबसे सामान्य गलती है। यदि आपने रिटर्न दाखिल करते समय बैंक खाता नंबर, IFSC कोड या नाम में कोई त्रुटि की है, तो आपका रिफंड सीधे आपके खाते में नहीं आएगा। हमेशा सुनिश्चित करें कि आपके बैंक विवरण सही और पूर्ण हों।
आईटीआर और फॉर्म 26AS/AIS के बीच विसंगति
यदि आपके द्वारा दाखिल किए गए रिटर्न और आयकर विभाग के फॉर्म 26AS या AIS (वार्षिक सूचना विवरण) में कोई विसंगति है, तो रिटर्न की प्रोसेसिंग में देरी हो सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आपने कोई आय नहीं बताई है या गलत तरीके से टीडीएस क्रेडिट का दावा किया है।
आईटीआर का सत्यापन न होना
केवल रिटर्न दाखिल करना ही पर्याप्त नहीं है; इसे सत्यापित करना भी आवश्यक है। ई-सत्यापन के बिना, आपका रिटर्न प्रोसेस नहीं होगा और आपको रिफंड नहीं मिलेगा।
बड़ी राशि का रिफंड दावा
कुछ मामलों में, आयकर विभाग को लगता है कि रिटर्न में बड़ी राशि का रिफंड दावा किया गया है, या कुछ विसंगति हो सकती है। ऐसे रिटर्न को जांच के लिए रोक दिया जाता है, जिससे रिफंड में देरी होती है।
पुराने कर बकाया का समायोजन
यदि आपका कोई पुराना कर बकाया है, तो नए रिफंड को उसके अनुसार समायोजित किया जा सकता है। ऐसे मामलों में, विभाग आपको एक नोटिस भेजता है और रिफंड रोक दिया जाता है।