Newzfatafatlogo

Magh Mela 2026: इटली की पर्यटक लुकेरेज़िया ने भारत को बताया जादुई

Magh Mela 2026 में इटली की पर्यटक लुकेरेज़िया ने भारत को एक जादुई देश बताया। यह उनकी तीसरी यात्रा है, जिसमें उन्होंने आध्यात्मिकता और संस्कृति का अनुभव किया। जानें माघ मेले की महत्वपूर्ण तिथियां और सुरक्षा प्रबंधों के बारे में।
 | 
Magh Mela 2026: इटली की पर्यटक लुकेरेज़िया ने भारत को बताया जादुई

Magh Mela 2026: एक अद्भुत अनुभव

Magh Mela 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे 'माघ मेला 2026' ने न केवल देश के लोगों को, बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित किया है। 9 जनवरी को इटली से आई लुकेरेज़िया ने त्रिवेणी संगम का दौरा किया और भारत को एक 'जादुई' देश बताया। यह उनकी भारत की तीसरी यात्रा है, जिसमें वे यहां की आध्यात्मिकता और संस्कृति का अनुभव करने आई हैं।


लुकेरेज़िया ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि वह अपने पिता के साथ दुनिया भर में यात्रा करती हैं, लेकिन भारत उनके दिल के करीब है। यहां की संस्कृति, भोजन और लोग वास्तव में जादुई हैं।


इटालियन पर्यटक का माघ मेले का अनुभव

इटालियन पर्यटक ने प्रयागराज में माघ मेले का किया दौरा


आध्यात्मिकता का अनुभव

लुकेरेज़िया ने बताया कि वह पहली बार 2024 में भारत आई थीं और फिर 2025 के महाकुंभ में भाग लिया। उन्होंने एक आध्यात्मिक गुरु से मिले अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें दयालुता और अनावश्यक चीजों को त्यागने की शिक्षा दी है। वे 'इंटरनेशनल बाबा' हैं, जो इटली में भी वीडियो कॉल के जरिए संपर्क में रहते हैं। अब लुकेरेज़िया का अगला लक्ष्य वाराणसी जाना है।


माघ मेला 2026: महत्वपूर्ण तिथियां

इस मेले की शुरुआत 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा से हुई थी और यह 44 दिनों तक चलेगा। प्रशासन के अनुसार, लाखों श्रद्धालु अब तक पवित्र स्नान कर चुके हैं। आगामी महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं:


मकर संक्रांति: 14 जनवरी


मौनी अमावस्या: 18 जनवरी


बसंत पंचमी: 23 जनवरी


माघी पूर्णिमा: 1 फरवरी


महाशिवरात्रि (समापन): 15 फरवरी


सुरक्षा के इंतजाम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मेले में सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पूरे क्षेत्र में 1,500 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं और 24 घंटे निगरानी के लिए एक सेंट्रलाइज्ड कमांड सेंटर स्थापित किया गया है। घाटों पर भीड़ प्रबंधन के लिए जल पुलिस और आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है।


भक्ति और आस्था का केंद्र

माघ मेला क्षेत्र भजन-कीर्तन और शंखनाद से गूंज रहा है। विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों और कल्पवासियों की उपस्थिति ने यहां के वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया है। पहले शाही स्नान (पौष पूर्णिमा) पर लगभग 22 लाख लोगों ने स्नान किया, और मकर संक्रांति पर इस संख्या में और वृद्धि की उम्मीद है।