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NASA का Artemis II मिशन: चंद्रमा के अंधेरे हिस्से का अन्वेषण

NASA का Artemis II मिशन सोमवार को एक ऐतिहासिक क्षण में प्रवेश करने वाला है, जब मानव पहली बार चंद्रमा के उस रहस्यमय हिस्से का प्रत्यक्ष अवलोकन करेगा, जो पृथ्वी से कभी नहीं दिखाई देता। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं, जिनमें तीन अमेरिकी और एक कनाडाई हैं। यह मिशन चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से का अन्वेषण करेगा और कई वैज्ञानिकों की नजरें इस फ्लाई-बाय पर टिकी रहेंगी। जानें इस अद्भुत मिशन के बारे में और क्या खास होने वाला है।
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NASA का Artemis II मिशन: चंद्रमा के अंधेरे हिस्से का अन्वेषण

अंतरिक्ष में सबसे लंबी दूरी का रिकॉर्ड टूटने वाला है


Artemis II, नई दिल्ली: नासा का आर्टेमिस-2 मिशन सोमवार को एक ऐतिहासिक क्षण में प्रवेश करने वाला है, जब मानव पहली बार चंद्रमा के उस रहस्यमय हिस्से का प्रत्यक्ष अवलोकन करेगा, जो पृथ्वी से कभी नहीं दिखाई देता। 1972 के बाद यह पहला मौका होगा जब मानव अंतरिक्ष यात्री (तीन अमेरिकी और एक कनाडाई) चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से (फार साइड) तक पहुंचेंगे।


चंद्रमा की ग्रैविटी फील्ड में प्रवेश

आर्टेमिस-2 मिशन के चारों एस्ट्रोनॉट्स आज रात 9.41 बजे चंद्रमा की ग्रैविटी फील्ड में प्रवेश करेंगे। 11.26 बजे, ये एस्ट्रोनॉट्स धरती से सबसे दूर जाने वाले इंसान बन जाएंगे, और इस दौरान वे पहली बार चंद्रमा के डार्क साइड पर स्थित 965 किलोमीटर चौड़े ओरिएंटेल बेसिन गड्ढे को देखेंगे।


वैज्ञानिकों की नजरें फ्लाई-बाय पर

ह्यूस्टन स्थित जॉनसन स्पेस सेंटर से लेकर दुनियाभर के चंद्र वैज्ञानिकों की नजरें इस फ्लाई-बाय पर टिकी रहेंगी। इस दौरान वैज्ञानिक उन भू-वैज्ञानिक संरचनाओं और क्रेटर पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जिन्हें अब तक केवल रोबोटिक मिशनों के माध्यम से समझा गया है। नासा के अनुसार, मौजूदा कक्षीय स्थिति के कारण इस फ्लाई-बाय के दौरान चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से का केवल 20 प्रतिशत हिस्सा ही सूर्य के प्रकाश में होगा।


कनाडाई अंतरिक्ष यात्री का ऐतिहासिक सफर

चारों अंतरिक्ष यात्रियों में ग्लोवर, रीड वाइजमैन और क्रिस्टीना कोच अमेरिकी नागरिक हैं, जबकि हैनसेन कनाडाई हैं, जो चंद्रमा पर जाने वाले पहले गैर-अमेरिकी बनेंगे। कोच और ग्लोवर चंद्रमा पर जाने वाली पहली महिला और पहली अश्वेत अंतरिक्ष यात्री हैं। यह 10 दिन का मिशन प्रशांत महासागर में लैंडिंग के साथ समाप्त होगा।


कनाडा के लिए एक नया अध्याय

कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी की अध्यक्ष लिसा कैंपबेल ने कहा कि हैनसेन आज कनाडा के लिए एक नया अध्याय लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि कनाडा का भविष्य उन लोगों से लिखा जाता है, जो और अधिक हासिल करने का साहस रखते हैं।


ओरियन स्पेसक्राफ्ट का समय सारणी

9.41 बजे रात: ओरियन स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के ग्रैविटी फील्ड में प्रवेश करेगा। इस समय यह चंद्रमा से 66 हजार किलोमीटर दूर होगा।


10.30 बजे रात: मिशन कंट्रोल का साइंस ऑफिसर क्रू को आने वाले फ्लाईबाय के बारे में जानकारी देगा।


11.26 बजे रात: आर्टेमिस-2 क्रू अपोलो-13 के 1972 के रिकॉर्ड को तोड़ देगी।


12.15 बजे रात: चंद्रमा की निगरानी शुरू होगी।


4.14 बजे सुबह: ओरियन स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के पीछे से गुजरते समय मिशन कंट्रोल से क्रू का संपर्क लगभग 50 मिनट के लिए टूट जाएगा।


4.15 बजे सुबह: अर्थसेट के दौरान पृथ्वी ओरियन के नजरिए से चंद्रमा के पीछे छिप जाएगी।


4.32 बजे सुबह: ओरियन चंद्रमा के सबसे करीब पहुंचेगा।


4.37 बजे सुबह: क्रू इस मिशन के दौरान पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूर पहुंच जाएगा।


5.00 बजे सुबह: अर्थराइज होगा, यानी पृथ्वी चंद्रमा के दूसरी तरफ से फिर दिखने लगेगी।


6.05 से 7.02 बजे सुबह: सोलर एक्लिप्स के दौरान सूरज क्रू के नजरिए से चंद्रमा के पीछे छिप जाएगा।


7.50 बजे सुबह: चंद्रमा दिखना बंद हो जाएगा।