NASA की चंद्रमा पर मानव वापसी: आर्टेमिस III और IV की तैयारी
NASA की नई चंद्रमा मिशन योजना
नई दिल्ली: अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA चंद्रमा पर मानव वापसी के लिए तेजी से कदम बढ़ा रहा है। आर्टेमिस 2 मून मिशन की सफलता के बाद, अब NASA आर्टेमिस 3 और आर्टेमिस 4 के लॉन्च की तैयारी कर रहा है। हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुए आर्टेमिस II मिशन के बाद, एजेंसी का ध्यान अगले मिशनों पर केंद्रित है, जिसमें अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह पर उतारना शामिल है।
NASA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया कि आर्टेमिस II क्रू अब घर लौट आया है। उन्होंने बताया कि आर्टेमिस प्रोग्राम के लिए आगे क्या योजनाएं हैं। आर्टेमिस II ने मानव को अंतरिक्ष में इतनी दूर तक पहुंचाया, जहां हम पिछले 50 वर्षों में नहीं गए थे, और नई पीढ़ी को खोज यात्रा का अनुभव कराया। चंद्रमा पर वापसी की यात्रा जारी है, और अब आर्टेमिस III की बारी है। हर साल आर्टेमिस मिशन लॉन्च करने की योजना है, जिसमें 2027 में आर्टेमिस III और 2028 में आर्टेमिस IV शामिल हैं।
आर्टेमिस III मिशन 2027 में पृथ्वी की निचली कक्षा में एक महत्वपूर्ण परीक्षण मिशन होगा, जबकि आर्टेमिस IV चंद्रमा पर पहली लैंडिंग करेगा। इस मिशन में एसएलएस रॉकेट के माध्यम से ओरियन स्पेसक्राफ्ट में चालक दल को लॉन्च किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य स्पेसएक्स और ब्लू ओरिजिन के मून लैंडर्स का परीक्षण करना है।
पृथ्वी की निचली कक्षा में ओरियन और इन लैंडर्स के बीच रेंडेव्ज और डॉकिंग की क्षमता का परीक्षण किया जाएगा, जो चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रूप से उतारने और वापस लाने के लिए आवश्यक है। NASA आर्टेमिस IV मिशन 2028 की शुरुआत में लॉन्च करने की योजना बना रहा है, जिसमें चालक दल ओरियन से चंद्र लैंडर में स्थानांतरित होगा और चंद्रमा की सतह पर उतरेगा।
लैंडर की तैयारियों के आधार पर तय होगा कि स्पेसएक्स का स्टारशिप एचएलएस या ब्लू ओरिजिन का ब्लू मून लैंडर इस्तेमाल किया जाएगा। लैंडिंग के बाद चालक दल लैंडर से वापस ओरियन में आएगा और प्रशांत महासागर में सुरक्षित स्प्लैशडाउन करेगा। इस मिशन में एसएलएस रॉकेट के साथ दूसरे चरण के लिए नए विकल्पों का मूल्यांकन किया जा रहा है। NASA एसएलएस रॉकेट और ओरियन स्पेसक्राफ्ट की क्षमताओं को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। आर्टेमिस IV के बाद, आर्टेमिस V में चंद्रमा पर स्थायी बेस कैंप बनाने की शुरुआत हो सकती है। एजेंसी का लक्ष्य है कि 2028 के अंत तक नियमित रूप से चंद्रमा मिशन भेजे जाएं।
