NCB की बड़ी कार्रवाई: म्यांमार सीमा पर 15 करोड़ की हेरोइन जब्त
भारत-म्यांमार सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी का भंडाफोड़
इंफाल: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने भारत-म्यांमार सीमा पर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। NCB की इंफाल जोनल यूनिट ने असम राइफल्स के सहयोग से एक संयुक्त अभियान में 7.312 किलो उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन जब्त की है। इस खेप की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत लगभग 15 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस कार्रवाई के दौरान दो अंतरराष्ट्रीय तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो म्यांमार से मणिपुर के माध्यम से ड्रग्स की आपूर्ति करने वाले एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे।
साबुन के डिब्बों में छिपाकर लाए गए ड्रग्स
NCB को खुफिया जानकारी मिली थी कि 7 जनवरी 2026 को इंडो-म्यांमार सीमा के निकट से ड्रग्स की एक बड़ी खेप गुजरने वाली है। इसी सूचना के आधार पर टीम ने एक बोलेरो वाहन को रोका। जब गाड़ी की गहनता से जांच की गई, तो अधिकारियों को हैरानी हुई। तस्करों ने चतुराई से हेरोइन को साबुन के 638 डिब्बों में छिपा रखा था। जांच में यह भी पता चला कि यह खेप म्यांमार के हैचिन शहर से लाई गई थी और इसे मणिपुर के जंगलों के रास्ते आगे भेजा जाना था।
तस्करों के नए तरीके
NCB के अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के कारण ड्रग माफिया अब अपने तरीके बदल रहे हैं। चेकपोस्ट और हाईवे पर पकड़े जाने के डर से तस्कर अब शहरों की बजाय घने जंगलों और नदी मार्गों का उपयोग कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति पूरे उत्तर-पूर्व में देखी जा रही है। इससे पहले, NCB ने गुवाहाटी में जिरीबाम से 7 किलो हेरोइन पकड़ी थी, जो इसी बदले हुए पैटर्न की पुष्टि करती है।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान
गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों की पहचान गिनखामलियन और मांगबोई सिमटे के रूप में हुई है। ये दोनों मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के माटा-मुल्ताम क्षेत्र के निवासी हैं। पूछताछ में यह सामने आया है कि ये लोग सीमा पार से ड्रग्स लाने और भारतीय राज्यों में वितरण करने वाले सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं।
जांच जारी
NCB के अनुसार, जब्त की गई हेरोइन की गुणवत्ता अत्यधिक उच्च है। वर्तमान में एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के तार कहां तक फैले हुए हैं और भारत के किन-किन राज्यों में इस ड्रग्स की आपूर्ति होनी थी। आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
