NCRB की रिपोर्ट: जेलों में दोषी और विचाराधीन कैदियों की स्थिति
रिपोर्ट का सारांश
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी की गई प्रिजन स्टैटिस्टिक्स इंडिया 2024 रिपोर्ट (PSI 2024) में देश की जेलों में बंद दोषी और विचाराधीन कैदियों की संख्या का विस्तृत विवरण दिया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, ओडिशा में दोषी कैदियों की संख्या सबसे अधिक है, जबकि विचाराधीन कैदियों की संख्या मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा पाई गई है।
जेलों में कैदियों की संख्या
रिपोर्ट के अनुसार, 31 दिसंबर 2024 तक देश की उप-जेलों में कुल 36,745 कैदी बंद थे, जिनमें 2,285 दोषी और 34,460 विचाराधीन कैदी शामिल हैं। यह स्पष्ट है कि विचाराधीन कैदियों की संख्या दोषी कैदियों की तुलना में कहीं अधिक है। NCRB ने यह आंकड़े विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर संकलित किए हैं।
दोषी कैदियों की स्थिति
रिपोर्ट में बताया गया है कि ओडिशा में 693 दोषी कैदी हैं, जो कि सबसे अधिक हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश में 580, उत्तराखंड में 254, त्रिपुरा में 178 और पंजाब में 114 दोषी कैदी हैं। वहीं, राजस्थान में केवल 3 दोषी कैदी हैं, जबकि केरल, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मिलाकर 10 दोषी कैदी हैं। कुछ राज्यों में जैसे अरुणाचल प्रदेश, गोवा, हरियाणा, और तमिलनाडु में कोई भी दोषी कैदी नहीं है।
विचाराधीन कैदियों की स्थिति
विचाराधीन कैदियों की संख्या में मध्य प्रदेश सबसे आगे है, जहां 5,794 लोग विचाराधीन कैदी के रूप में बंद हैं। राजस्थान में 4,108, पश्चिम बंगाल में 4,102, बिहार में 3,643 और ओडिशा में 3,545 विचाराधीन कैदी हैं। असम, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा और तेलंगाना में विचाराधीन कैदियों की संख्या कम है।
केंद्र शासित प्रदेशों की स्थिति
PSI 2024 रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेशों में कैदियों की स्थिति सीमित है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 1 दोषी कैदी है, जबकि दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव में 3 दोषी कैदी हैं। विचाराधीन कैदियों में दादरा एवं नगर हवेली में 111, जम्मू-कश्मीर में 65, अंडमान और निकोबार में 31 और लक्षद्वीप में 5 कैदी हैं। चंडीगढ़, दिल्ली, लद्दाख और पुडुचेरी में कोई भी कैदी नहीं है।
