NEET(UG) 2026 पेपर लीक मामले में जांच तेज, आरोपियों के परिवारों ने उठाए सवाल
जांच की गति में तेजी
NEET(UG) 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच में तेजी आ गई है। गिरफ्तार आरोपियों के परिवारों ने आरोप लगाया है कि उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम ने बुधवार को दिल्ली में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुख्यालय का दौरा किया और वहां के अधिकारियों से पूछताछ की। 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोपों के चलते रद्द कर दिया गया था। इसके बाद से राजस्थान सहित कई राज्यों में जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया है।
मुख्य संदिग्ध की गिरफ्तारी
SOG ने हाल ही में जयपुर से एक कथित मास्टरमाइंड मनीष को गिरफ्तार किया। इससे पहले, 7 मई को सीकर के करियर काउंसलर राकेश कुमार समेत पांच लोगों को देहरादून से पकड़ा गया था। अगले दिन चार NEET अभ्यर्थियों को भी हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक करने और मोटी रकम वसूलने में संलिप्त था। इस मामले में राजस्थान के मांगीलाल और दिनेश को भी गिरफ्तार किया गया है।
परिवारों की प्रतिक्रिया
आरोपियों के परिवारों का बयान
मांगीलाल और दिनेश की गिरफ्तारी के बाद उनके परिवारों ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। दिनेश की पत्नी रजनी ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि क्या सच है और क्या नहीं। मेरे पति ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो इस तरह के काम कर सकते हैं। उन्हें एक झूठे मामले में फंसाया गया है। मुझे यह भी नहीं पता कि वे अभी कहाँ हैं।'
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मांगीलाल की पत्नी सोनू ने कहा, 'मैं इसे एक साजिश मानती हूं। मेरे पति और मेरे देवर को फंसाया गया है। किसी दुश्मन ने उन्हें फंसाया है। मेरे पति सो रहे थे, तभी दस लोग आए और उन्हें ले गए। उन पर लगे आरोप सच नहीं हैं।'
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यह ध्यान देने योग्य है कि मांगीलाल और दिनेश भाई हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद उनकी मां ने कहा, 'उन्हें झूठे आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। मेरे बेटों को दुश्मनी के चलते इस मामले में घसीटा गया है। पेपर लीक में उनके कोई हाथ नहीं था।'
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NTA द्वारा दोबारा परीक्षा
NTA ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा रद्द करने का निर्णय केंद्रीय एजेंसियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर लिया गया। एजेंसी ने बताया कि जांच रिपोर्ट में परीक्षा की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। NTA ने यह भी कहा कि दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए छात्रों को नया आवेदन नहीं करना होगा। पहले से किया गया रजिस्ट्रेशन और परीक्षा केंद्र मान्य रहेगा और किसी भी छात्र से अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी।
