NEET 2026 परीक्षा रद्द: नए कानून से पेपर लीक पर लगेगा अंकुश
NEET 2026 परीक्षा रद्द होने से छात्रों में हड़कंप
नई दिल्ली: भारत की प्रमुख मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 के रद्द होने की सूचना ने लाखों छात्रों को निराश कर दिया है। पेपर लीक और धांधली के आरोपों के चलते सरकार ने इस परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया। इस घटनाक्रम ने छात्रों और उनके परिवारों में चिंता और नाराजगी का माहौल बना दिया है। सभी अब नई परीक्षा तिथि की घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
पेपर लीक रोकने के लिए नया सख्त कानून
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, केंद्र सरकार ने भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी को रोकने के लिए 'सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2024' लागू किया है। यह कानून फरवरी 2024 में संसद द्वारा पारित किया गया और जून 2024 से प्रभावी हो गया। इसका उद्देश्य पेपर लीक करने वाले गिरोहों, नकल माफिया और परीक्षा में हेराफेरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना है।
दोषियों को 10 साल तक की सजा और भारी जुर्माना
इस नए कानून के तहत, यदि कोई व्यक्ति पेपर लीक करता है या उत्तर पत्रिका में छेड़छाड़ करता है, तो उसे न्यूनतम 3 साल की सजा का सामना करना पड़ेगा। मामले की गंभीरता के आधार पर, अदालत इसे 10 साल तक बढ़ा सकती है। इसके साथ ही, 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अदालत चाहने पर जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान कर सकती है।
गैर-जमानती अपराध और एजेंसियों पर कार्रवाई
भारत सरकार ने पेपर लीक को गैर-जमानती अपराध घोषित किया है, जिससे आरोपी को आसानी से जमानत नहीं मिलेगी। यदि किसी परीक्षा एजेंसी या सेवा प्रदाता की मिलीभगत सामने आती है, तो उस पर भी 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, परीक्षा का पूरा खर्च भी उसी से वसूला जाएगा।
संगठित गिरोहों के लिए सख्त सजा
इस कानून में संगठित गिरोहों के लिए अलग से कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। यदि जांच में यह साबित होता है कि पेपर लीक किसी गिरोह द्वारा किया गया है, तो दोषियों को 5 से 10 साल की जेल और 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। अपराध में प्रयुक्त संपत्ति भी जब्त की जा सकती है।
NEET के अलावा सभी परीक्षाओं पर लागू
यह ध्यान देने योग्य है कि यह कानून केवल NEET पर ही नहीं, बल्कि UPSC, SSC, रेलवे और अन्य सभी केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं पर भी लागू होगा। सरकार का कहना है कि इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और मेहनती छात्रों के साथ धोखा करने वालों पर नियंत्रण लगेगा। फिलहाल, NEET 2026 को लेकर छात्र आगे की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
