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NEET-UG 2026: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का बड़ा बयान, परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग

NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों ने छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी पैदा कर दी है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने नीट परीक्षा को समाप्त करने की मांग की है, ताकि छात्रों को 12वीं के अंकों के आधार पर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिल सके। इस विवाद के चलते देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं, और छात्रों का कहना है कि इस तरह की धांधली उनके करियर को प्रभावित कर रही है। वर्तमान में 22 लाख से अधिक मेडिकल छात्र इस मुद्दे से प्रभावित हैं।
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NEET-UG 2026: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का बड़ा बयान, परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग

NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद गहराता


नई दिल्ली: NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर देशभर में विवाद बढ़ता जा रहा है। पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा रद्द होने के कारण छात्रों और उनके अभिभावकों में गहरी नाराजगी है। इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए नीट परीक्षा को समाप्त करने की मांग की है।


सीएम विजय का बयान

मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि छात्रों को मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मिलना चाहिए, जिससे सभी छात्रों को समान अवसर प्राप्त हो सके। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के भविष्य और मेहनत के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।


पेपर लीक ने परीक्षा प्रणाली को हिलाया

सीएम विजय ने कहा कि नीट पेपर लीक की घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रखा है। उन्होंने याद दिलाया कि 2024 में भी पेपर लीक का मामला सामने आया था, जिसमें 6 राज्यों में एफआईआर दर्ज की गई थी और बाद में जांच CBI को सौंप दी गई थी। उन्होंने कहा कि इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णन की कमेटी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए 95 सुझाव दिए थे, लेकिन इसके बावजूद दो साल के भीतर फिर से पेपर लीक हुआ और परीक्षा को रद्द करना पड़ा।


मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए नीट परीक्षा बंद होनी चाहिए

सी. जोसेफ विजय ने स्पष्ट रूप से कहा कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए नीट परीक्षा को समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को 12वीं के अंकों के आधार पर ही मेडिकल में प्रवेश मिलना चाहिए। तमिलनाडु लंबे समय से नीट परीक्षा का विरोध करता आ रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि जब सुधारों के बावजूद परीक्षा प्रणाली सुरक्षित नहीं हो पा रही है, तो राज्यों को यह अधिकार मिलना चाहिए कि वे 12वीं की मेरिट के आधार पर मेडिकल सीटों पर प्रवेश दे सकें।


पेपर लीक मामले में कार्रवाई

नीट परीक्षा विवाद तब और बढ़ गया जब धांधली की खबरों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा को रद्द कर दिया। वर्तमान में पूरे मामले की जांच CBI कर रही है। सीबीआई और राजस्थान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कई राज्यों में छापेमारी की है। अब तक इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यह सामने आया है कि परीक्षा से पहले एक गेस पेपर सोशल मीडिया और कोचिंग सेंटरों के माध्यम से छात्रों तक पहुंचाया गया था।


छापेमारी की कार्रवाई

जांच एजेंसियों ने जयपुर, गुरुग्राम और नासिक समेत कई शहरों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरण भी बरामद किए हैं। अब जांच एजेंसियां इन उपकरणों की बारीकी से जांच कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक का नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा था और इसमें कौन लोग शामिल थे।


छात्रों में नाराजगी और प्रदर्शन

इस विवाद के चलते देशभर के छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई शहरों में छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं और परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि इस तरह की धांधली से मेहनत करने वाले उम्मीदवारों का करियर प्रभावित होता है। वर्तमान में 22 लाख से अधिक मेडिकल छात्र इस विवाद से प्रभावित हैं और आगे के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।