NEET UG 2026 परीक्षा रद्द: छात्रों में निराशा और गुस्सा
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने का असर
जयपुर। नीट यूजी परीक्षा 2026 के रद्द होने से छात्रों में निराशा और गुस्सा फैल गया है। कई छात्रों ने कहा कि बार-बार पेपर लीक की घटनाओं ने उनकी मेहनत और विश्वास को तोड़ दिया है। परीक्षा रद्द होने की सूचना मिलते ही छात्रों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आईं।
दो साल की मेहनत पर लगा बड़ा झटका
जयपुर में नीट की तैयारी कर रहे एसटी कैटेगरी के छात्र अमित मीणा ने बताया कि उन्होंने इस साल परीक्षा दी थी और उन्हें उम्मीद थी कि वह 500 से अधिक अंक प्राप्त कर सकते हैं। अमित ने कहा कि वह पिछले दो वर्षों से तैयारी कर रहे हैं और उनके पिता किसान हैं, जिन्होंने उनकी पढ़ाई का खर्च उठाया। परीक्षा रद्द होने से उन्हें गहरा धक्का लगा है।
हर साल पेपर लीक से छात्रों का भविष्य प्रभावित
जयपुर की एक छात्रा ने कहा कि पेपर लीक के कारण मेहनती छात्रों का चयन प्रभावित हो रहा है। उसने बताया कि 2024 में पेपर लीक हुआ, 2025 में पेपर कठिन था, और अब फिर से लीक का मामला सामने आया है। छात्रा ने कहा कि उसके माता-पिता बहुत मेहनत करके पैसे जुटाते हैं, और एक फैसले से उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है।
सरकार की लापरवाही से पढ़ाई में मन नहीं लग रहा
अलवर की छात्रा साक्षी ने कहा कि वह जयपुर में किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई कर रही थी और पिछले एक साल से मेहनत कर रही थी। उसने पहली बार नीट की परीक्षा दी थी, लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण परीक्षा रद्द हो गई। साक्षी ने कहा कि अब उसकी पढ़ाई में मन नहीं लग रहा।
हर महीने 10 हजार रुपये खर्च, फिर भी परिणाम नहीं मिला
सुनैना तोमर ने बताया कि नीट की तैयारी में हर महीने 10 हजार रुपये से अधिक खर्च होता है। इस बार उन्होंने परीक्षा दी थी और उम्मीद थी कि उनका चयन हो जाएगा, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनकी सारी उम्मीदें चूर हो गईं।
अच्छा पेपर गया था, अब उम्मीदें टूट रही हैं
कोटा में पढ़ाई कर रही छात्रा रिया ने कहा कि वह पिछले दो वर्षों से मेहनत कर रही थी और इस बार उनका पेपर भी अच्छा गया था। उन्हें विश्वास था कि उनका चयन होगा, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनकी उम्मीदें टूट गई हैं। उन्होंने इसे अपने लिए बड़ा झटका बताया।
एनटीए की व्यवस्था पर छात्रों ने उठाए सवाल
छात्रा ओजस्वनी विजय ने कहा कि यह एक गंभीर समस्या है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर एनटीए दोबारा परीक्षा आयोजित करता है, तो उसे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस बार कोई गड़बड़ी न हो, ताकि छात्र विश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हो सकें।
दो महीने में फिर से तैयारी करना आसान नहीं
कोटा में पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने कहा कि दो महीने के भीतर फिर से परीक्षा की तैयारी करना बहुत कठिन है। छात्र ने बताया कि वे परीक्षा देकर परिणाम का इंतजार कर रहे थे, लेकिन अब दोबारा परीक्षा देने का दबाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में छात्रों को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
