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NEET-UG 2026 पेपर लीक: राजस्थान के भाइयों की गिरफ्तारी और जांच में नया मोड़

NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक मामले में राजस्थान के दो भाइयों की गिरफ्तारी हुई है। जांच में गुरुग्राम के एक डॉक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। सीकर में पेपर लीक का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ है, जिसमें कई छात्रों को पेपर बेचा गया। CBI ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और जांच जारी है। जानें इस घोटाले की पूरी कहानी और इसके पीछे के रहस्य।
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NEET-UG 2026 पेपर लीक: राजस्थान के भाइयों की गिरफ्तारी और जांच में नया मोड़

पेपर लीक मामले में गिरफ्तारी


नई दिल्ली: NEET-UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक की जांच में तेजी आई है। राजस्थान के जामवा रामगढ़ से मंगीलाल और दिनेश बिश्नोई नामक दो भाइयों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन दोनों ने 26 अप्रैल को गुरुग्राम के एक चिकित्सक से इस वर्ष का NEET पेपर खरीदा था।


उन्हें परीक्षा से एक सप्ताह पहले पेपर प्राप्त हुआ था। एक भाई ने इसे अपने बेटे को सिखर भेजा, जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इसके बाद, 29 अप्रैल को उन्होंने इसे कई अन्य छात्रों को बेच दिया।


गुरुग्राम के डॉक्टर की भूमिका

गुरुग्राम डॉक्टर का अहम रोल


गुरुग्राम का चिकित्सक इस मामले में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उभरा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर नासिक के प्रिंटिंग प्रेस से शुरू होकर एक नेटवर्क के माध्यम से गुरुग्राम पहुंचा और फिर इन भाइयों तक पहुंचा। हालांकि, गुरुग्राम के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राजेश कटारिया ने कहा कि अभी तक किसी भी जांच एजेंसी ने उनसे संपर्क नहीं किया है।


सीकर में पेपर लीक का केंद्र

सीकर बना पेपर लीक का केंद्र


सीकर इस वर्ष के पेपर लीक घोटाले का मुख्य केंद्र बन गया है। जामवा रामगढ़ से पेपर यहां के MBBS काउंसलिंग एजेंट राकेश कुमार मंदावरिया तक पहुंचा। राकेश ने इसे आगे बढ़ाया और एक छात्र को 30,000 रुपये में बेचा, जो केरल में MBBS कर रहा था।


परीक्षा से एक दिन पहले, उस छात्र ने पेपर अपने पिता को भेजा, जो सीकर में PG ऑपरेटर हैं। उन्होंने व्हाट्सएप पर लिखा, "पापा, सीकर के दोस्त ने भेजा है। इसे हॉस्टल की लड़कियों को दे देना, कल यही पेपर आएगा।" पिता ने इसे हॉस्टल की लड़कियों में बांट दिया।


पेपर का बड़ा नेटवर्क

बड़े स्तर पर फैला पेपर


राकेश कुमार मंदावरिया पर आरोप है कि उन्होंने पेपर लगभग 700 छात्रों तक पहुंचाया। बाद में यह PDF और प्रिंटेड कॉपी के रूप में भी बेचा गया। हरियाणा में यश यादव नामक व्यक्ति को भी पेपर बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।


पुलिस को जानकारी मिली है कि इन भाइयों को एक महीने पहले ही पता था कि पेपर लीक होने वाला है। उनके परिवार के चार बच्चे पिछले वर्ष NEET पास कर चुके थे। दिनेश बिश्नोई एक राजनीतिक पार्टी से भी जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।


CBI जांच की शुरुआत

CBI जांच शुरू


5 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को बड़े पैमाने पर लीक की शिकायतों के कारण मंगलवार को रद्द कर दिया गया। NTA ने नई परीक्षा की तारीख 7-10 दिनों में घोषित करने की योजना बनाई है। CBI ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है।


एजेंसी आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और परीक्षा में अनुचित साधनों की रोकथाम कानून के तहत जांच कर रही है। राजस्थान पुलिस की SOG और महाराष्ट्र के नासिक से भी टीमों को शामिल किया गया है।