NEET परीक्षा रद्द होने पर राहुल गांधी का तीखा हमला, सिस्टम को बताया जिम्मेदार
NEET परीक्षा रद्द होने से मचा सियासी बवाल
नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा को रद्द कर दिया है, जिससे देशभर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस परीक्षा के रद्द होने के कारण उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक छात्र ऋतिक मिश्रा और गोवा में एक अन्य अभ्यर्थी ने आत्महत्या कर ली। इस पर राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सिस्टम द्वारा हत्या है। उन्होंने बताया कि 2015 से 2026 के बीच 148 परीक्षा घोटाले हुए हैं, जिनमें से 87 परीक्षाएं रद्द की गईं, जिससे 9 करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
राहुल गांधी का सोशल मीडिया पर बयान
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "अब प्रतियोगी परीक्षा नहीं देनी।" लखीमपुर खीरी के 21 वर्षीय ऋतिक मिश्रा के ये अंतिम शब्द थे। यह छात्र तीसरी बार NEET देने की कोशिश कर रहा था, लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद वह टूट गया। उन्होंने कहा कि ये बच्चे परीक्षा में असफल नहीं हुए, बल्कि एक भ्रष्ट तंत्र ने उन्हें मारा है।
घोटालों की संख्या और जिम्मेदारी
राहुल गांधी ने आगे कहा, "आंकड़े देखिए: 2015 से 2026 तक 148 परीक्षा घोटाले हुए हैं। 87 परीक्षाएं रद्द की गईं, और 9 करोड़ बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ। इन घोटालों में से केवल एक को सजा मिली है। CBI ने 17 मामले और ED ने 11 मामले लिए, लेकिन किसी को भी सजा नहीं मिली। NEET, AIPMT और अन्य मेडिकल परीक्षाओं में अकेले 15 घोटाले हुए हैं।"
राहुल गांधी का ट्वीट
NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी।
22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया।
किसी पिता ने कर्ज़ लिया,
किसी माँ ने गहने बेचे,
लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की,और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 12, 2026
सिस्टम की जिम्मेदारी पर सवाल
राहुल गांधी ने कहा कि इन घोटालों में जिम्मेदार किसी भी अधिकारी या मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ है। उन्हें हटाया जाता है, लेकिन फिर से उच्च पदों पर बैठा दिया जाता है। चोरों को इनाम मिलता है, जबकि परीक्षा देने वाले छात्र अपनी जान गंवाते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया, "कितने ऋतिक चाहिए आपकी जवाबदेही जगाने के लिए?" उन्होंने यह भी कहा कि यह लड़ाई हम सब मिलकर लड़ेंगे और जीतेंगे।
भविष्य के लिए चिंता
राहुल गांधी ने कहा कि NEET 2026 की परीक्षा रद्द होने से 22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत और सपनों को कुचला गया है। उन्होंने कहा कि यह केवल नाकामी नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है। हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सजा भुगतते हैं। अब लाखों छात्रों को फिर से वही मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा।
