Newzfatafatlogo

NEET परीक्षा लीक पर कांग्रेस अध्यक्ष का तीखा हमला, शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने NEET परीक्षा लीक के मामले में मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की और कहा कि यह समय है कि प्रधानमंत्री मोदी इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करें। खरगे ने बताया कि कई छात्रों ने इस लीक के कारण आत्महत्या कर ली है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इस घटना ने देशभर में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है।
 | 
NEET परीक्षा लीक पर कांग्रेस अध्यक्ष का तीखा हमला, शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग

NEET परीक्षा लीक का मामला

नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को आयोजित NEET परीक्षा के लीक होने के कारण इसे रद्द कर दिया है। इस घटना ने देशभर में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। विपक्षी दल के नेता इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठा रहे हैं और मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की कि वे परीक्षा लीक पर चर्चा करें, क्योंकि चुप रहना किसी समस्या का समाधान नहीं है।


खरगे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मोदी सरकार का 'अमृत काल' छात्रों के लिए 'मृत काल' बन गया है। रिपोर्टों के अनुसार, NEET परीक्षा के लीक के कारण कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। इनमें लखीमपुर खीरी के रितिक मिश्रा, दिल्ली की 20 वर्षीय अंशिका पांडेय, राजस्थान के झुंझुनूं से प्रदीप मेघवाल और बेंगलुरु में रह रहे गोवा के छात्र शामिल हैं।



कई छात्रों ने अपने सपनों को पूरा करने के लिए वर्षों मेहनत की, लेकिन मोदी सरकार की भ्रष्ट व्यवस्था ने उनके प्रयासों को नष्ट कर दिया। अब तक 90 से अधिक परीक्षाओं में लीक की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे 9 करोड़ से ज्यादा छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। बेरोजगारी की समस्या पहले से ही युवाओं के भविष्य को संकट में डाल रही है। भाजपा के संरक्षण में चल रहे पेपर लीक माफिया ने सरकार के पारदर्शी परीक्षा कराने के दावों को ध्वस्त कर दिया है।


खरगे ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में 'Ease of Living' पर ट्वीट किया, लेकिन NEET परीक्षा लीक और छात्रों की आत्महत्या पर चुप्पी साधे रहे। 2024 NEET परीक्षा लीक में जिन अधिकारियों पर सवाल उठे, उन्हें दंडित नहीं किया गया, बल्कि उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया। यही कारण है कि हर साल युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। अब दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखा है। स्थिति अब गंभीर हो चुकी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। मोदी जी, 'परीक्षा-लीक पर चर्चा' करें, चुप रहने से कुछ नहीं होगा।