NH-927: बाराबंकी से बहराइच के लिए नया राजमार्ग, यात्रा समय में होगी कमी
केंद्र सरकार ने NH-927 के निर्माण को दी मंजूरी
लखनऊ। केंद्रीय सरकार ने बुधवार को बाराबंकी और बहराइच को जोड़ने वाले नए राजमार्ग के विकास को स्वीकृति दे दी है, जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग NH-927 का नाम दिया गया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 12 से 14 मार्च 2026 के बीच लखनऊ में अपने प्रवास के दौरान इस परियोजना की स्वीकृति के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित लखनऊ राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के विकास में महत्वपूर्ण साबित होगी।
इस परियोजना का कार्य अक्टूबर 2026 में शुरू होगा और इसे अक्टूबर 2028 तक पूरा करने की योजना है। इस राजमार्ग की कुल लंबाई 101.515 किमी है और इसकी निर्माण लागत 6969 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। नया NH-927 पूरी तरह से प्रवेश नियंत्रित होगा, जिसका अर्थ है कि यातायात केवल निर्धारित स्थानों से ही प्रवेश और निकास कर सकेगा। इसके निर्माण के बाद बाराबंकी से बहराइच की यात्रा का समय 2.50 घंटे से घटकर 1.25 घंटे रह जाएगा।
इस राजमार्ग की विशेषता यह है कि मुख्य मार्ग पर दोनों ओर दो-दो लेन होंगी, जिससे कुल चार लेन का निर्माण होगा। इसके अलावा, दोनों ओर 2-2 लेन की सर्विस रोड भी होगी, जिससे कम दूरी वाले वाहनों का आवागमन सुगम होगा और लंबी दूरी के वाहनों की यात्रा में कोई बाधा नहीं आएगी। इस परियोजना में सबसे महत्वपूर्ण घाघरा नदी पर बनने वाला पुल होगा, जिसकी लंबाई 1130 मीटर होगी और यह 06 लेन का होगा। यह पुल विशेष तकनीक पर आधारित केबल पर निर्मित किया जाएगा।
भारत माला कार्यक्रम के तहत, केंद्र सरकार ने लखनऊ से सुलतानपुर होते हुए गाजीपुर तक NH-731 के उच्चीकरण का कार्य पूरा कर लिया है। लखनऊ से हरदोई-शाहजहांपुर तक 04 लेन और पलिया तक 02 लेन के राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 732 का उच्चीकरण जल्द ही पूरा होने वाला है। इसके अलावा, लखनऊ-कानपुर NH-27 और लखनऊ-अयोध्या NH-26 का भी उच्चीकरण किया जा चुका है। लखनऊ के चारों ओर 104 किमी लंबा 08 लेन का आउटर रिंग रोड बनकर तैयार हो चुका है और आवागमन चालू है। 67 किमी लंबा 06 लेन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, NE-6 का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही ट्रैफिक संचालन शुरू होगा। इन सभी अवसंरचनात्मक विकासों से आवागमन की गति में वृद्धि होगी, जिससे औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी।
