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RSS प्रमुख के तीन बच्चों के बयान पर ओवैसी का तीखा जवाब

RSS प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चों के बयान पर AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने सवाल उठाया कि इन बच्चों की परवरिश और शिक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। यह बहस अब केवल जनसंख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, रोजगार और महिलाओं के अधिकारों से भी जुड़ी हुई है। जानें इस मुद्दे पर ओवैसी का क्या कहना है।
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RSS प्रमुख के तीन बच्चों के बयान पर ओवैसी का तीखा जवाब

ओवैसी का सवाल: बच्चों की जिम्मेदारी कौन लेगा?

भारत में जनसंख्या पर चर्चा कोई नई नहीं है, लेकिन हाल ही में RSS प्रमुख मोहन भागवत के "तीन बच्चों" के बयान ने इसे फिर से गरमा दिया है। AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाया है कि इन बच्चों की परवरिश, शिक्षा और नौकरी की जिम्मेदारी कौन उठाएगा?

मोहन भागवत ने जनसंख्या संतुलन पर जोर देते हुए तीन बच्चों की आवश्यकता की बात की थी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई, और ओवैसी ने सबसे पहले इस पर प्रतिक्रिया दी।

ओवैसी ने कहा, "महिलाओं पर और बोझ नहीं डालना चाहिए। यह तय करने का अधिकार केवल महिलाओं का है कि उन्हें कितने बच्चे पैदा करने हैं।" उन्होंने यह भी पूछा कि अगर तीन बच्चे हो गए, तो उन्हें शिक्षा कौन देगा और बड़े होने पर नौकरी कौन देगा?

ओवैसी ने यह भी कहा कि केवल भाषण देकर देश नहीं चलाया जा सकता। महंगाई और बेरोजगारी के इस दौर में परिवारों पर और बच्चों का बोझ डालना उचित नहीं है। उनका यह बयान स्पष्ट करता है कि जनसंख्या जैसे संवेदनशील मुद्दे पर एकतरफा राय नहीं थोपनी चाहिए। यह बहस अब केवल बच्चों की संख्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा, रोजगार और देश के भविष्य से भी जुड़ी हुई है।