झांसी : मूंगफली और तुलसी के निर्यात को बढ़ावा देंगे क्लस्टर
स्थानीय स्तर पर मंजूरी के बाद राज्य स्तरीय कमेटी को भेजा गया प्रस्ताव
क्लस्टर को आर्थिक मदद के साथ ही ट्रांसपोर्ट में प्रदान की जाएगी सब्सिडी
झांसी, 01 मई (हि.स.)। प्रदेश में कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर आधारित खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। झांसी में तुलसी और मूंगफली के निर्यात आधारित दो क्लस्टर का गठन हुआ है। एफपीओ के माध्यम से दोनों क्लस्टर का गठन किया गया है। इन दोनों क्लस्टर को स्थानीय स्तर पर स्वीकृति मिल चुकी है और राज्य स्तर पर स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इन दोनों क्लस्टर को शासन से स्वीकृति मिलने के बाद सरकार की ओर से इन्हें आर्थिक मदद और ट्रांसपोर्ट में सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस पहल से किसान कृषि उत्पादों का निर्यात कर अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगे।
झांसी के बंगरा ब्लॉक के ग्राम पठा खरका में 57 हेक्टेयर में तुलसी की खेती के लिए क्लस्टर तैयार किया गया है। इस क्लस्टर में 58 किसान सम्मिलित रूप से तुलसी की खेती करेंगे। गुरसराय ब्लॉक के ग्राम टोडी फतेहपुर में 59 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मूंगफली का क्लस्टर 38 किसानों ने तैयार किया है। निर्यात आधारित इन दोनों क्लस्टर का गठन कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग के माध्यम से किया गया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित स्थानीय समिति ने इन दोनों को मंजूरी दे दी है।
झांसी के ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक प्रखर कुमार ने बताया कि झांसी में तुलसी और मूंगफली के निर्यात आधारित दो क्लस्टर गठित हुए हैं और उन्हें स्थानीय स्तर पर मंजूरी मिल गई है। बंगरा और गुरसराय विकासखंडों से तैयार हुए दो क्लस्टर को मंजूरी के लिए प्रस्ताव अब शासन को भेजा गया है। शासन से अनुमोदन मिलने के बाद ये कलस्टर काम करना शुरू कर देंगे। निर्यात आधारित प्रत्येक क्लस्टर को सरकार द्वारा आर्थिक मदद के साथ ही ट्रांसपोर्ट में सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया
