मप्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निकिता ने 50 दिन में किया कमाल, 9 गंभीर कुपोषित बच्चों को दी नई जिंदगी
- आईआईटी मुंबई से ली ट्रेनिंग, अब उज्जैन जिले की बनीं पहली मास्टर ट्रेनर
भोपाल, 15 मई (हि.स.)। ऐसा अक्सर कहा जाता है कि कुपोषण की बेड़ियों को तोड़ना एक लंबी और कठिन प्रक्रिया है, लेकिन जब इरादे फौलादी हों और उसमें मां जैसी ममता मिल जाए, तो नामुमकिन भी मुमकिन हो जाता है। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के महिदपुर-2 परियोजना की ग्राम नलखेड़ा में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निकिता शर्मा ने कुछ ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया है। अपनी मेहनत और विशेषज्ञता के दम पर उन्होंने न केवल 9 गंभीर कुपोषित बच्चों को मौत के मुंह से बाहर निकाला, बल्कि विभाग के लिए एक आदर्श मिसाल भी बन गईं।
जनसंपर्क अधिकारी बिन्दु सुनील ने शुक्रवार को बताया कि निकिता की इस सफलता की नींव 'प्रोजेक्ट संवर्धन' के तहत पड़ी, जिसमें उन्होंने आईआईटी मुंबई की टीम से 5 दिवसीय विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण लिया। इस ट्रेनिंग ने उन्हें 'बाल जीवन रक्षा' और कुपोषण मुक्त समाज के वैज्ञानिक पहलुओं से परिचित कराया। निकिता ने सीखा कि कुपोषण का एक बड़ा कारण केवल भोजन की कमी नहीं, बल्कि जागरूकता का अभाव और स्तनपान के सही तरीकों की अज्ञानता के साथ अन्य कई छोटी-छोटी लापरवाही होती है।
50 दिनों का 'चमत्कार': 2.5 किलो से 5 किलो तक का सफर
प्रशिक्षण के बाद निकिता ने इसे एक चुनौती के रूप में लिया। उन्होंने एक ऐसे नवजात की जिम्मेदारी संभाली जिसका वजन जन्म के समय मात्र 2.5 किलोग्राम था। निकिता ने केवल कागजी खानापूर्ति नहीं की, बल्कि प्रतिदिन 'होम विजिट' कर बच्चे की सेहत का जायजा लिया। उन्होंने बच्चे की मां को सही तरीके से स्तनपान कराने और अन्य संबंधित बातों का ध्यान रखने के साथ पोषण के महत्व को बारीकी से समझाया। महज 50 दिनों के भीतर बच्चे का वजन दोगुना से अधिक होकर 5.140 किलोग्राम हो गया और लंबाई में भी 10 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई।
9 मासूमों को दिया नया जीवन, अब पूरे जिले को देंगी ट्रेनिंग
निकिता का यह जज्बा केवल एक बच्चे तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने एक-एक कर क्षेत्र के 9 गंभीर कुपोषित बच्चों को स्वस्थ श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया। उनके इस असाधारण कार्य को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने निकिता शर्मा को उज्जैन जिले की 'फर्स्ट मास्टर ट्रेनर' की सूची में प्रथम स्थान दिया है। अब निकिता जिले की अन्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और माताओं को कुपोषण से लड़ने के गुर सिखाएंगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत
