अखबार-ज्ञान, सत्य और जागरूकता का सबसे भरोसेमंद साथी (लेखिका पूनम झा)
कठुआ, 03 जून (हि.स.)। आज के डिजिटल युग में जहाँ सूचना के अनेक माध्यम उपलब्ध हैं, वहीं अखबार आज भी सबसे विश्वसनीय और प्रमाणिक स्रोत के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं। दैनिक समाचारों से लेकर किसी विषय की गहन और विस्तृत जानकारी तक, अखबार हमें संतुलित, जांची-परखी और तथ्यपूर्ण सामग्री प्रदान करते हैं। टेलीविजन समाचार या आम चर्चाएँ अक्सर समय की सीमा में बंधी होती हैं जिसके कारण विषय की पूरी जानकारी प्राप्त नहीं हो पाती जबकि अखबार हर पहलू को विस्तार से प्रस्तुत करते हैं।
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच सही और गलत जानकारी में अंतर करना कठिन हो गया है। बिना सत्यापन के फैलने वाली खबरें कई बार भ्रम पैदा करती हैं। ऐसे में अखबारों की विश्वसनीयता और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। हमें चाहिए कि हम सोशल मीडिया पर आंख मूंदकर विश्वास करने के बजाय अखबारों जैसे प्रमाणिक स्रोतों को प्राथमिकता दें ताकि हमें सही और तथ्यपूर्ण जानकारी मिल सके।
अखबार केवल समाचारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह ज्ञान का एक व्यापक भंडार हैं। देश-विदेश की घटनाओं, राजनीति, व्यापार, खेल, विज्ञान, शिक्षा, मनोरंजन और सामाजिक विषयों की जानकारी के साथ-साथ इसमें वर्ग पहेलियाँ, स्वास्थ्य संबंधी लेख, फैशन, खान-पान और रोचक किस्से भी शामिल होते हैं। इससे न केवल हमारा सामान्य ज्ञान बढ़ता है बल्कि भाषा और शब्द-भंडार में भी सुधार होता है।
कई लोग सुबह की चाय के साथ अखबार पढ़कर अपने दिन की शुरुआत करते हैं जो एक अच्छी आदत है। यह आदत व्यक्ति को जागरूक, समझदार और समाज से जुड़ा हुआ बनाती है। प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर आईएएस जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं की तैयारी में भी अखबार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं क्योंकि इनमें समसामयिक घटनाओं का विस्तृत विश्लेषण मिलता है। अखबार पढ़ने के बाद भी उनके अनेक उपयोग हैं। पुराने अखबारों से सामान लपेटने, सफाई करने, अलमारियों में बिछाने के अलावा सुंदर हस्तशिल्प और सजावटी वस्तुएँ भी बनाई जाती हैं। इस प्रकार अखबार उपयोगी होने के साथ-साथ रचनात्मकता को भी बढ़ावा देते हैं। यदि बच्चों में बचपन से ही अखबार पढ़ने की आदत डाली जाए तो उनमें पढ़ने की रुचि विकसित होती है और उनका मानसिक विकास बेहतर होता है। यह आदत उनके व्यक्तित्व निर्माण और उज्ज्वल भविष्य के लिए
अत्यंत सहायक सिद्ध होती है।
गाँव-गाँव तक समाचार पहुँचाने में अखबारों की ऐतिहासिक भूमिका रही है। आज भी, तकनीक के इस युग में, अखबार अपनी गुणवत्ता और विश्वसनीयता के कारण लोगों के बीच सम्मानित हैं। इनके प्रकाशन में जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का परिश्रम सराहनीय है, जो हर सुबह हमें ताजा खबरें उपलब्ध कराते हैं। अंततः, यह कहना उचित होगा कि “ओल्ड इज गोल्ड” पुरानी चीजों का महत्व कभी कम नहीं होता। अखबार इसका सबसे अच्छा उदाहरण हैं। हमें नियमित रूप से अखबार पढ़कर अपने ज्ञान को बढ़ाना चाहिए और इस महत्वपूर्ण माध्यम को प्रोत्साहित करना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन खजूरिया
