एनआरएलएम : बलरामपुर की सोनमणि बनीं ‘लखपति दीदी’, खेती और पशुपालन से बढ़ाई आय
बलरामपुर, 24 अप्रैल (हि.स.)।ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) बलरामपुर जिले में नई मिसाल कायम कर रहा है। इसी पहल के जरिए एक साधारण महिला सोनमणि आज आत्मनिर्भर बनकर ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।
जिले में ग्रामीण महिलाएं अब आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से हजारों महिलाएं अपनी आजीविका के नए स्रोत विकसित कर रही हैं। इसी कड़ी में जनपद पंचायत बलरामपुर के ग्राम घाघरा में गठित प्रभु महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य सोनमणि आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर उभरी हैं।
सोनमणि ने अपने एक एकड़ भूमि में मक्का की खेती शुरू की, जिसमें लगभग 5 हजार रुपये का निवेश किया गया। इस फसल से उन्हें करीब 45 हजार रुपये की आय होने की उम्मीद है, जो उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
इसके अलावा, समूह से प्राप्त ऋण का उपयोग कर उन्होंने मुर्गी पालन, बकरी पालन और सुअर पालन जैसे आयवर्धक कार्य भी शुरू किए हैं। इन विविध गतिविधियों के माध्यम से उन्होंने अपने परिवार की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है और आर्थिक स्थिरता हासिल की है।
एनआरएलएम से मिले प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और निरंतर मार्गदर्शन के चलते सोनमणि आज ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। जिला पंचायत और एनआरएलएम की टीम द्वारा अन्य महिलाओं को भी आजीविका संवर्धन और उद्यमिता के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जिले में स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनते हुए सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय
