सामान्य गृहणी से सफल डेयरी उद्यमी बनी श्रीमती ज्योत्सना पटेल
रायगढ़, 13 जनवरी (हि.स.)।मुख्यमंत्री विष्णुदेव के सुशासन में राज्य भर में विकास की नई राह प्रशस्त हो रही है। शासकीय योजनाओं का सही लाभ उठाकर आम लोग अपने जीवन को बेहतर बना रहे हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। इसी सकारात्मक बदलाव का उत्कृष्ट उदाहरण हैं श्रीमती ज्योत्सना पटेल, जिन्होंने राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ उठाकर सामान्य गृहणी से सफल डेयरी उद्यमी बनने का साहसिक और प्रेरक कदम उठाया।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ विनोबानगर की श्रीमती ज्योत्सना पटेल पति-श्री राजाराम पटेल पहले एक सामान्य गृहणी थीं। उनका जीवन घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित था। लेकिन उनकी मेहनत और सपनों की बड़ी इच्छा ने उन्हें एक नया रास्ता दिखाया। वर्ष 2024-25 में उन्हें राज्य डेयरी उद्यमिता विकास योजना के अंतर्गत 70 हजार रुपए की वित्तीय सहायता मिली। यह सहायता उनके लिए सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि एक सपनों को सच करने का अवसर बन गई। उन्होंने नवम्बर 2024 में दो उन्नत नस्ल की गायें खरीदी। ये गायें प्रतिदिन 20 लीटर दूध देती थीं। दूध बेचने से उन्हें प्रतिदिन 800 रुपये और प्रतिमाह लगभग 24 हजार रुपये का शुद्ध लाभ होने लगा। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और उन्होंने अपने जीवन की दिशा बदलने का फैसला किया।
श्रीमती ज्योत्सना ने अपने छोटे व्यवसाय को बड़ी मेहनत और बुद्धिमानी से बढ़ाया। आज उनके पास 14 दुधारू गाय और 6 बछिया हैं। आज वह डेयरी से प्रतिदिन 150 लीटर दूध का उत्पादन कर रही है। इसके माध्यम से उन्हें प्रतिदिन 3-4 हजार रुपये तक की आमदनी होती है। उनके व्यवसाय की सफलता केवल आर्थिक लाभ तक सीमित नहीं रही। जुलाई 2025 में उन्होंने सवा लाख रुपये की ई-बाइक खरीदी, जो उनके व्यवसाय और जीवन को और सुविधाजनक बना रही है। विभाग द्वारा समय-समय पर टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, डिवर्मिंग और उपचार सुविधा उपलब्ध कराए जाने से उनका व्यवसाय सुरक्षित और लाभकारी बना।
श्रीमती ज्योत्सना पटेल न केवल अपनी मेहनत से सफल उद्यमी बनी हैं, बल्कि वे महिला सशक्तिकरण की जीती-जागती मिसाल भी हैं। उनके साहस, दृढ़ संकल्प और मेहनत को देखकर क्षेत्र की अन्य महिलाएं भी डेयरी व्यवसाय की ओर बढ़ रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान
