Newzfatafatlogo

बलरामपुर में मनरेगा से बदली तस्वीर: कूप निर्माण ने लालचंद को बनाया आत्मनिर्भर किसान

 | 
बलरामपुर में मनरेगा से बदली तस्वीर: कूप निर्माण ने लालचंद को बनाया आत्मनिर्भर किसान


बलरामपुर में मनरेगा से बदली तस्वीर: कूप निर्माण ने लालचंद को बनाया आत्मनिर्भर किसान


बलरामपुर, 21 जनवरी (हि.स.)। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं ग्रामीण अंचलों में आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव रख रही हैं। प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन और सतत निगरानी में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। इसका जीवंत उदाहरण विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम पंचायत डुगरू अंतर्गत आश्रित ग्राम तेंदुआ के हितग्राही लालचंद हैं, जो मनरेगा की सहायता से आज सालाना लगभग दो लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।

लालचंद बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत की बैठक के दौरान उन्हें अधिकारियों से मनरेगा अंतर्गत नल कूप निर्माण योजना की जानकारी मिली। योजना का लाभ लेने के लिए उन्होंने आवेदन किया, जिसके बाद जनपद पंचायत रामचंद्रपुर द्वारा कूप निर्माण के लिए तीन लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।

कूप निर्माण पूर्ण होने के बाद लालचंद को सिंचाई की स्थायी सुविधा उपलब्ध हुई, जिससे उनकी कृषि व्यवस्था सुदृढ़ हो गई। सिंचाई सुविधा मिलने के बाद वे मौसम के अनुसार फसल उत्पादन कर रहे हैं। वर्तमान में कूप के माध्यम से लगभग 2.5 हेक्टेयर भूमि सिंचित हो रही है, जहां रबी मौसम में आलू, सरसों, गेहूं, फूलगोभी और पत्ता गोभी जैसी फसलों की खेती की जा रही है।

फसल उत्पादन में वृद्धि से लालचंद की वार्षिक आय में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। बढ़ी हुई आमदनी से अब वे अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। लालचंद का कहना है कि पहले सीमित संसाधनों के कारण खेती से पर्याप्त आमदनी नहीं हो पाती थी, लेकिन मनरेगा के अंतर्गत कूप निर्माण से खेती अब उनके लिए लाभ का साधन बन गई है।

लालचंद अपने अनुभव साझा करते हुए गांव के अन्य किसानों और ग्रामीणों को भी मनरेगा योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, ताकि वे भी शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बन सकें और अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकें।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय