यमुनानगर के आईपीएस बाबू राम राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से सम्मानित
यमुनानगर, 07 मार्च (हि.स.)। यमुनानगर के रहने वाले आईपीएस अधिकारी बाबू राम को नक्सल विरोधी अभियान में असाधारण साहस और नेतृत्व का परिचय देने के लिए राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से सम्मानित किया गया। यह सम्मान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर भुवनेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदान किया।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2016 में बाबू राम बिहार के औरंगाबाद में पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे। उसी दौरान उनके नेतृत्व में जिला पुलिस और कोबरा कमांडो की संयुक्त टीम ने गया और औरंगाबाद जिलों की सीमा से लगे लंगुराही और छकरबंधा के घने जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था। यह क्षेत्र लंबे समय से नक्सल गतिविधियों के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। अभियान के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाते हुए डुमरी नाला क्षेत्र में एक किलोमीटर के दायरे में श्रृंखलाबद्ध लैंडमाइन विस्फोट किए। विस्फोट के कारण सुरक्षा बलों की पीछे चल रही दो टीमों के कुछ जवान घायल हो गए। इसके तुरंत बाद ऊंचाई पर छिपे नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर तीव्र गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई।
कठिन हालात के बावजूद एसपी बाबू राम ने अदम्य साहस और नेतृत्व का परिचय देते हुए अपनी टीम के साथ मोर्चा संभाला। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया। इस मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए और घटनास्थल से स्वचालित हथियार, गोला-बारूद सहित अन्य सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई के दौरान घायल जवानों को सुरक्षित बाहर निकालना भी बड़ी चुनौती थी। दुर्गम जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच सुरक्षा बलों ने पूरी रात अभियान जारी रखा और घायल जवानों को कंधों पर उठाकर कई घंटे तक पैदल चलकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। यमुनानगर के निवासी बाबू राम को मिला यह सम्मान न केवल उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार
