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विकसित भारत और देश को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प में अहम भूमिका निभाएगी ये समिटः शाह

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विकसित भारत और देश को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प में अहम भूमिका निभाएगी ये समिटः शाह


विकसित भारत और देश को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प में अहम भूमिका निभाएगी ये समिटः शाह


- केन्द्रीय गृह मंत्री ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन सत्र में कहा- भारत के विकास को गति दे रहा है मध्य प्रदेश

भोपाल, 25 फरवरी (हि.स.)। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के युवाओं और 130 करोड़ की जनता के सामने 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने और 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है। मध्य प्रदेश की ये इन्वेस्टमेंट समिट इन दोनों लक्ष्यों को सिद्ध करने में न सिर्फ सहायक होगी, बल्कि इनमें बहुत बड़ा योगदान भी देगी। प्रधानमंत्री मोदी की टीम इंडिया की कल्पना में भारत सरकार और सभी राज्यों की टीमों को साथ मिलकर पूरे देश का विकास करने की दिशा में जान का लक्ष्य रखा गया था, जिसे इस कार्यक्रम ने आगे बढ़ाया है।

केन्द्रीय मंत्री शाह मंगलवार शाम को मध्य प्रदेश के भोपाल में दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भोपाल में सम्पन्न दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सिफ मध्य प्रदेश की नहीं, यह देश की उपलब्धि है। उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन देने के लिये उठाये गये कदम भारत के विकास को भी गति देने का कार्य कर रहे हैं। मध्य प्रदेश निश्चित ही प्रमुख उद्योग राज्य बनेगा। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

शाह ने कहा कि इस दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान कुल 30 लाख 77 हज़ार करोड़ रुपये के एमओयू किए गए। इनमें से कई एमओयू ज़मीन पर उतरेंगे और एक बड़ी इंडस्ट्री के साथ-साथ सहायक उद्योगों को भी मध्य प्रदेश में स्थापित करने में राज्य सरकार को मदद करेंगे।

उन्होंने कहा कि दो दिवसीय समिट में 200 से अधिक भारतीय कंपनियां, 200 से अधिक वैश्विक सीईओ, 20 से अधिक यूनिकॉर्न संस्थापक और 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मध्य प्रदेश में निवेश करने और यहां के माहौल को देखने आए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मध्य प्रदेश ने एक नए प्रयोग के तहत हर क्षेत्र का अलग-अलग इन्वेस्टमेंट समिट कर पूरे मध्य प्रदेश का समविकास करने का प्रयास किया है, जो आने वाले दिनों में कई राज्यों को दिशा दिखाएगा।

शाह ने कहा कि इस समिट में मध्य प्रदेश ने विकास के लिए अपने इन्डस्ट्रीयल, सेक्टोरल और ग्लोबल पोटेंशियल को भी एक्सप्लोर करने के सारे रास्ते खोलने का प्रयास किया है। इस समिट ने मध्य प्रदेश के विकास को नया आयाम देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश हमारे देश की भव्य सांस्कृतिक विरासत से भरपूर है और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिए गए ‘विकास भी विरासत भी’ के सूत्र को चरितार्थ करने के लिए राज्य कई प्रयास कर रहा है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस समिट में लोकल और ग्लोबल दोनों प्रकार के निवेश में वृद्धि करने के कई आयाम हासिल किए गए हैं। ये समिट भारत की अमृत पीढ़ी के लिए कौशल विकास के कई द्वार भी खोलेगी। ऑटोमेशन और जॉब क्रिएशन के बीच समन्वय बनाकर मध्य प्रदेश सरकार ने अलग अलग सेक्टर्स के लिए जो नीतियां बनाई हैं वो आगे बढ़ेंगी और ये समिट भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में भी बहुत सहायता करेगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में एक स्थायी औऱ मज़बूत सरकार काम कर रही है, जिससे विकास के द्वार खुल रहे हैं। भारत के दिल जैसे मध्य प्रदेश की एक स्ट्रैटेजिक लोकेशन है और यहां बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बन चुका है। इसी प्रकार, स्किल्ड वर्कफोर्स की एक बड़ी फौज यहां उपलब्ध है और प्रशासन ने बेहतरीन इकोसिस्टम भी उपलब्ध कराया है। मध्य प्रदेश से अधिक मार्केट का एक्सेस भी किसी को उपलब्ध नहीं है और डिमांड ओरिएंटेड इकोनॉमी भी अब यहां काफी तेज़ी से बढ़ रही है। मध्य प्रदेश सरकार के पारदर्शी शासन ने निवेश के लिए काफी लोगों को आकर्षित किया है। यहां लैंड भी है, लेबर फोर्स भी है, माइन्स और मिनरल्स भी हैं, उद्योगों के लिए संभावनाएं और अवसर भी हैं, शिक्षित युवा भी हैं और स्किल्ड वर्कफोर्स भी है। मध्य प्रदेश आज पूरे भारत में हर प्रकार से निवेश के लिए एक बड़ा आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

अमित शाह ने कहा कि एक जमाने में मध्य प्रदेश की गिनती बीमारू राज्यों में होती थी लेकिन हमारी सरकार के 20 साल के सतत शासन के बाद यहां पांच लाख किलोमीटर सड़क नेटवर्क बना है, आज यहां 6 हवाईअड्डे हैं, 31 गीगावॉट की ऊर्जा क्षमता है जिसमें से 30 प्रतिशत क्लीन एनर्जी है। उन्होंने कहा कि आईआईएम, एम्स जैसे कई प्रतिष्ठित संस्थान मध्य प्रदेश के युवाओं को इन मौकों के दोहन के लिए योग्य बना रहे हैं। मध्य प्रदेश देशभर में सबसे अधिक खनिज संपदा वाले राज्यें में से एक है। मध्य प्रदेश एक प्रकार से देश का कॉटन कैपिटल भी बन गया है और देश के 25 प्रतिशत ऑर्गेनिक कॉटन की सप्लाई यहां से होती है। मध्य प्रदेश को फूड प्रोसेसिंग के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण राज्य माना जाता है। मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस के लिए जनविश्वास विधेयक पारित करने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बना है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 10 साल के शासन में देश का विदेशी मुद्रा भंडार दो गुना हुआ है, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2 गुना हो चुका है औऱ प्रति व्यक्ति आय भी दस साल में दो गुना हुई है। मोदी सरकार ने पिछले दस साल में देश में एक बहुत बड़ी और बुलंद इमारत की नींव डालने का काम किया है और इस पर आने वाले दस साल में भारत के विकास के कई नए आयाम गढ़े जाएंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 10 साल में देश के 54 करोड़ लोगों को बैंकिंग नेट में लाने का काम किया है। इन लोगों के पास आज़ादी के 75 साल तक बैंक अकाउंट ही नहीं था, लेकिन आज इन्हें बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने का काम मोदी ने किया है। जीएसटी का सफल इम्प्लीमेंटेशन, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और इन्फ्रास्ट्रक्चर के कई काम पिछले 10 साल में मोदी के शासनकाल में हुए हैं। देश में 60 हज़ार किलोमीटर राजमार्ग की वृद्धि, 8 लाख किलोमीटर गावों के रास्ते बने हैं, हवाईअड्डे 74 से बढ़कर 157 हुए हैं, रेलवे काविस्तार डबल हुआ है और कार्गो की हैंडलिंग में भी दो गुनी वृद्धि हुई है। भारत कई नई पहल कर आने वाले 25 साल तक विश्व की आर्थिक दिशा तय करने वाले सेक्टर्स का संस्थापक बना है।

शाह ने कहा कि आज मध्य प्रदेश की इन्वेस्टमेंट समिट ने न सिर्फ राज्य बल्कि भारत के विकास को भी गति देने का काम किया है। मध्य प्रदेश आने वाले दिनों में भारत के प्रमुख उद्योगों को स्थापित करने वाले राज्यों में शामिल होगा। मध्य प्रदेश में एक पारदर्शी शासन, स्थायी नीतियां और दो कदम आगे बढ़कर हाथ मिलाने वाला प्रशासन भी मिलेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर