प्रधानमंत्री मोदी की अपील: ऊर्जा संकट के बीच लोगों से त्याग की मांग
प्रधानमंत्री की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण उत्पन्न ऊर्जा संकट को कम करने के लिए नागरिकों से कुछ महत्वपूर्ण बदलाव करने की अपील की है। उन्होंने वर्क फ्रॉम होम अपनाने, सोने की खरीदारी से बचने और पेट्रोल-डीजल के उपयोग को कम करने के सुझाव दिए। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस अपील को मोदी की असफलता का प्रमाण बताया।
पीएम मोदी का संदेश
रविवार को हैदराबाद में एक कार्यक्रम में, पीएम मोदी ने कहा कि इस वैश्विक संकट के समय में लोगों को राष्ट्रीय हित में कुछ बलिदान देने की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि लोग घर से काम करें, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, कारपूलिंग करें और विदेश यात्रा को कम से कम एक साल के लिए टाल दें। इसके साथ ही, उन्होंने एक साल तक सोने की खरीदारी से भी बचने की अपील की।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी, नेता विपक्ष, लोकसभा:-
मोदी ने जनता से त्याग की मांग की है। सोना न खरीदने, विदेश न जाने, पेट्रोल कम जलाने, मेट्रो में चलने और घर से काम करने के सुझाव दिए हैं। ये उपदेश नहीं, बल्कि नाकामी के सबूत हैं।
मोदी का आरोप
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, '12 साल में देश को इस स्थिति में ला दिया गया है कि जनता को बताना पड़ रहा है कि क्या खरीदें और क्या न खरीदें। हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल दी जाती है ताकि सरकार खुद को जवाबदेही से बचा सके।'
ऊर्जा संकट का कारण
28 फरवरी को अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ, जो लगभग दो महीने तक चला। इस संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। गैस की आपूर्ति भी बाधित हुई है और रुपये की कीमत में गिरावट आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन उत्पादों का आयात विदेशी मुद्रा में होता है, इसलिए रुपये की गिरती कीमत से बचने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
विपक्ष की आलोचना
कांग्रेस पार्टी ने पीएम मोदी की अपील को 'विफलता का प्रमाण' बताया है। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पीएम मोदी भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रहे हैं। उन्होंने इसे शर्मनाक और लापरवाह करार दिया।
अखिलेश यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी:-
ये सभी पाबंदियां चुनाव के बाद ही क्यों याद आईं? भाजपा के नेताओं ने चुनाव में हजारों चार्टर उड़ानें भरीं, क्या वो पानी से उड़ रही थीं? क्या वो होटलों में नहीं ठहरे थे? भाजपा के नेताओं ने चुनाव में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रचार क्यों नहीं किया? क्या ये सभी पाबंदियां सिर्फ जनता के लिए हैं?
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'सोना न खरीदने की अपील जनता से नहीं, बल्कि भाजपा के भ्रष्ट नेताओं से करनी चाहिए। जनता तो वैसे भी 1.5 लाख तोले का सोना नहीं खरीद पा रही है। भाजपा के लोग अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं।'
