लाल किला बम धमाका: एनआईए ने 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
एनआईए की चार्जशीट में प्रमुख जानकारी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने लाल किला बम धमाके के मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में साढ़े सात हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की है। एनआईए के अनुसार, मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी सहित सभी आरोपी अल-कायदा के सहयोगी संगठन अंसार उल हिंद से जुड़े हुए थे, जो 2018 से भारत में प्रतिबंधित है।
चार्जशीट में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम- 1967, भारतीय न्याय संहिता- 2023, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम- 1908, शस्त्र अधिनियम- 1959, और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धाराओं का उल्लेख किया गया है।
एनआईए ने बताया कि वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच के माध्यम से एक बड़ी 'जिहादी साजिश' का खुलासा हुआ है। कट्टरपंथी चिकित्सा पेशेवरों सहित अन्य आरोपी अंसार उल हिंद की विचारधारा से प्रेरित थे और उन्होंने घातक हमले को अंजाम देने में भाग लिया।
गौरतलब है कि पिछले साल 10 नवंबर को लाल किले के पास एक कार में जोरदार धमाका हुआ था, जिसमें 11 से अधिक लोगों की जान गई थी। मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी भी इस घटना में मारे गए थे। धमाके में कई लोग घायल हुए और कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।
डॉ. उमर उन नबी के खिलाफ आरोप खत्म करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का निवासी था और हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के रूप में कार्यरत था। एनआईए ने चार्जशीट में 588 मौखिक गवाही, 395 से अधिक दस्तावेज और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया है।
चार्जशीट में शामिल आरोपी
चार्जशीट में इनके नाम शामिल
- डॉ. उमर उन नबी
- आमिर राशिद मीर
- जासिर बिलाल वानी
- डॉ. मुजम्मिल शकील
- डॉ. आदिल अहमद राथर
- डॉ. शाहीन सईद
- मुफ्ती इरफान अहमद वागे
- सोयाब
- डॉ. बिलाल नसीर मल्ला
- यासिर अहमद डार
आतंकवादी योजना का खुलासा
'भारत सरकार को उखाड़ने का था प्लान'
एनआईए के अनुसार, आरोपियों ने 2022 में श्रीनगर में एक गुप्त बैठक की थी, जहां तुर्किये के रास्ते अफगानिस्तान जाने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, यह प्रयास विफल रहा। इसके बाद, आरोपियों ने अंसार गजवत-उल-हिंद संगठन का पुनर्गठन किया और इसे 'अंसार गजवत-उल-हिंद अंतरिम' नाम दिया। इसके बाद, 'ऑपरेशन हेवनली हिंद' की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई भारत सरकार को उखाड़ फेंकना और देश में शरीयत कानून लागू करना था।
आरोपियों ने हथियार खरीदे और उनकी टेस्टिंग भी की
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने ऑपरेशन हेवनली हिंद के तहत लोगों को संगठन में शामिल किया, हिंसक विचारधारा का प्रचार किया, और हथियारों और गोला-बारूद की खरीद की। उन्होंने बाजार में उपलब्ध रसायनों से विस्फोटक तैयार किए और आईईडी का परीक्षण किया। आरोपियों ने एके-47 राइफल, क्रिंकोव राइफल, और अन्य हथियारों की खरीद में भी सक्रियता दिखाई। इसके अलावा, ड्रोन और रॉकेट पर लगाए जाने वाले आईईडी का परीक्षण किया गया, ताकि देश के सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा सके। लाल किला बम धमाके में ट्राइएसीटोन ट्राइपेरॉक्साइड (टीएटीपी) का उपयोग किया गया था, जिसे आरोपियों ने गुप्त तरीके से तैयार किया था।
