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Wipro की पूर्व महिला कर्मचारी ने धार्मिक उत्पीड़न के आरोप लगाए

एक पूर्व महिला कर्मचारी ने Wipro टेक्नोलॉजीज पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें धार्मिक उत्पीड़न और कार्यस्थल पर भेदभाव शामिल है। उन्होंने हिंजवडी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और कंपनी को कानूनी नोटिस भेजा है। महिला का कहना है कि उन्हें पिछले दस महीनों में मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा और इस्तीफा देने के लिए दबाव डाला गया। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और महिला की मांगें।
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Wipro की पूर्व महिला कर्मचारी ने धार्मिक उत्पीड़न के आरोप लगाए

महिला कर्मचारी का आरोप

नई दिल्ली/पुणे : आईटी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी विप्रो टेक्नोलॉजीज की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने कंपनी के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों पर धार्मिक उत्पीड़न, कार्यस्थल पर भेदभाव और इस्तीफा देने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया है। महिला ने इस मामले में हिंजवडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है और कंपनी को कानूनी नोटिस भी भेजा है।


लगातार उत्पीड़न का सामना

महिला का कहना है कि पिछले दस महीनों में उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी मांगों से समझौता करने या नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।


प्रबंधन की भूमिका पर सवाल

महिला ने कंपनी प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और मामलों का उचित समाधान नहीं किया गया।


अनुचित व्यवहार के आरोप

शिकायत में महिला ने एक सहकर्मी और एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम लेते हुए उन पर अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, एक सहकर्मी ने पहले दिन से ही उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया था। इसके अलावा, उन्हें वरिष्ठ अधिकारी के साथ व्यक्तिगत संबंध बनाने के लिए प्रेरित किया गया।


पुलिस में शिकायत

महिला ने हाल ही में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की बात कही है।


बर्खास्तगी का कारण जानने की मांग

महिला का कहना है कि उन्होंने 24 अप्रैल 2026 को इस्तीफा देने के बाद कंपनी से बर्खास्तगी का स्पष्ट कारण बताने की मांग की थी। उनका दावा है कि उनकी सेवा समाप्ति गैरकानूनी थी और उन्हें पुनः नौकरी पर बहाल किया जाना चाहिए।


महिलाओं की सुरक्षा पर जोर

महिला ने निजी क्षेत्र की कंपनियों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए मजबूत और स्वतंत्र संस्थागत तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।


मामले की जांच जारी

फिलहाल, मामले की जांच जारी है और कंपनी तथा आरोपित पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।