अंतर्राष्ट्रीय बारूदी सुरंग जागरूकता दिवस: शांति और विकास के लिए निवेश
अंतर्राष्ट्रीय बारूदी सुरंग जागरूकता दिवस
संयुक्त राष्ट्र। आज, दुनिया भर में 'अंतर्राष्ट्रीय बारूदी सुरंग जागरूकता और खनन कार्रवाई सहायता दिवस' मनाया जा रहा है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य बारूदी सुरंगों के खतरों के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें समाप्त करने के लिए वैश्विक प्रयासों को तेज करना है। वर्ष 2026 के लिए, संयुक्त राष्ट्र ने इस दिन का विषय 'शांति में निवेश करें, माइन एक्शन में निवेश करें' रखा है। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि बारूदी सुरंगों को हटाना न केवल सुरक्षा के लिए, बल्कि दीर्घकालिक शांति और विकास के लिए भी एक महत्वपूर्ण निवेश है।
इस दिन का महत्व और इतिहास
हर साल 4 अप्रैल को इस दिवस के रूप में मनाने की घोषणा 8 दिसंबर, 2005 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य उन देशों में राष्ट्रीय माइन-एक्शन क्षमताओं को विकसित करना है, जहाँ युद्ध के अवशेष और सुरंगें नागरिकों की सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए गंभीर खतरा बन गई हैं।
खतरनाक आंकड़े
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, बारूदी सुरंगों के कारण हताहत होने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। 2024 में, वैश्विक स्तर पर लगभग 6,279 लोग इन विस्फोटकों का शिकार हुए थे।
भारत की स्थिति और वैश्विक प्रयास
भारत उन देशों में शामिल है जो अभी भी एंटी-पर्सनल माइन्स का उत्पादन या अधिग्रहण करने की क्षमता रखते हैं। यहाँ के सीमावर्ती क्षेत्रों, विशेषकर जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास, अनजाने में सुरंगों की चपेट में आने से नागरिकों के घायल होने की घटनाएँ एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
संयुक्त राष्ट्र माइन एक्शन सर्विस (UNMAS) इस खतरे को समाप्त करने के लिए विश्व भर में स्थानीय नायकों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम कर रही है।
