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अंबानी और अडानी का एआई में विशाल निवेश का ऐलान

मुकेश अंबानी और गौतम अडानी ने हाल ही में एआई में बड़े पैमाने पर निवेश की योजना का ऐलान किया है। अंबानी ने अगले सात वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए और अडानी ने 2035 तक 18 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने की बात कही है। यह निवेश केवल एआई क्षेत्र में होगा, जबकि दोनों के मुख्य व्यवसायों में भी भारी निवेश की उम्मीद है। इस लेख में जानें कि यह निवेश कैसे भारत की विकास दर और रोजगार सृजन को प्रभावित कर सकता है।
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अंबानी और अडानी का एआई में विशाल निवेश का ऐलान

भारत के उद्योगपतियों का एआई में निवेश

भारत के प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडानी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान, अंबानी ने बताया कि वे अगले सात वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में 10 लाख करोड़ रुपए का निवेश करने की योजना बना रहे हैं। वहीं, गौतम अडानी ने भी पीछे नहीं रहते हुए कहा कि वे 2035 तक एआई क्षेत्र में 18 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करेंगे।


इसका मतलब है कि मुकेश अंबानी हर साल एआई में 1.5 लाख करोड़ रुपए और गौतम अडानी 1.8 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेंगे। दोनों मिलकर हर साल 2.8 लाख करोड़ रुपए का निवेश केवल एक ही क्षेत्र में करेंगे।


इस साल भारत सरकार का कुल निवेश 12 लाख करोड़ रुपए होने की उम्मीद है, जिसमें से लगभग 30 प्रतिशत अंबानी और अडानी के निवेश का हिस्सा होगा, और यह भी केवल एआई क्षेत्र में। ध्यान देने वाली बात यह है कि एआई इन दोनों उद्योगपतियों का मुख्य व्यवसाय नहीं है।


इससे यह सवाल उठता है कि यदि वे अपने मुख्य व्यवसायों जैसे पेट्रोलियम, रिटेल, संचार, हवाईअड्डा, बंदरगाह, सड़क परिवहन, पावर, और माइनिंग में भी बड़े पैमाने पर निवेश करेंगे, तो यह धन कहां से आएगा? और इस निवेश से कितने रोजगार सृजित होंगे? क्या यह संभव है कि एआई के बढ़ते बाजार को देखते हुए उन्होंने इस तरह की बड़ी घोषणाएं की हैं, जिससे उनकी कंपनियों की बाजार पूंजी में वृद्धि हो सके?