Newzfatafatlogo

अंबाला में जननायक एक्सप्रेस से 10 बच्चों का सफल रेस्क्यू

अंबाला में जिला युवा विकास संगठन ने जननायक एक्सप्रेस से 10 बच्चों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। ये बच्चे मजदूरी के लिए लुधियाना ले जाए जा रहे थे। संगठन ने पुलिस और अन्य विभागों के साथ मिलकर इस अभियान को अंजाम दिया। जानें इस रेस्क्यू के पीछे की कहानी और बाल श्रम के मामलों में बढ़ती चिंता के बारे में।
 | 
अंबाला में जननायक एक्सप्रेस से 10 बच्चों का सफल रेस्क्यू

बच्चों को मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था


  • बच्चों को मजदूरी के लिए लुधियाना ले जाया जा रहा था


अंबाला। जिला युवा विकास संगठन को 'जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन' से एक गुप्त सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 15211 जन नायक एक्सप्रेस के माध्यम से बच्चों को पंजाब में मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा है। इसके बाद, मंगलवार रात लगभग 09:22 बजे, संगठन के अध्यक्ष परमजीत सिंह बड़ोला ने कार्यक्रम समन्वयक अजय तिवारी और अन्य कर्मचारियों को बचाव अभियान शुरू करने के निर्देश दिए।


विशेष तलाशी अभियान से बच्चों को मुक्त कराया गया

संगठन ने आरपीएफ अंबाला कैंट, जीआरपी अंबाला कैंट, मानव तस्करी निरोधक इकाई और बाल कल्याण समिति अंबाला को सूचित किया। संयुक्त टीम ने ट्रेन में विशेष तलाशी अभियान चलाया, जिसमें 10 बच्चों को सुरक्षित मुक्त किया गया। प्राथमिक पूछताछ में पता चला कि 9 बच्चे बिहार के और 1 बच्चा पंजाब का निवासी है।


ये सभी बच्चे लुधियाना में कपड़ा, सरिया और अन्य कारखानों में काम करने के लिए जा रहे थे। अभी तक उनके साथ ले जाने वाले व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है और उसकी तलाश जारी है। बच्चों के परिजनों का पता लगाने का कार्य भी चल रहा है। जिला युवा विकास संगठन की टीम बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रख रही है।


बच्चों को ओपन शेल्टर होम भेजा गया

मेडिकल करवाने के बाद बच्चों को ओपन शेल्टर होम भिजवाया गया


चिकित्सीय परीक्षण के बाद सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति, अंबाला की अध्यक्षा रंजीता सचदेवा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति ने बच्चों को देखभाल और संरक्षण के लिए ओपन शेल्टर होम अंबाला कैंट भेजने का आदेश दिया।


बाल श्रम के मामलों में वृद्धि पर चिंता

बाल श्रम के मामले बढ़ना चिंता का विषय : बड़ोला


संगठन के अध्यक्ष परमजीत सिंह बड़ोला ने बताया कि देश में बाल तस्करी और बाल श्रम के मामलों में निरंतर वृद्धि चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अंबाला में पहले भी इस तरह के अभियानों में 46 बच्चों को मुक्त कराया गया है। संगठन भविष्य में भी बाल तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रखेगा।


हाल ही में जारी राष्ट्रीय रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच 53,651 बच्चों को तस्करी और अन्य प्रकार के शोषण से मुक्त कराया गया, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत बच्चे सबसे खतरनाक श्रेणी के बाल श्रम में शामिल पाए गए।


संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील

बड़ोला ने सभी संबंधित विभागों, संगठनों और नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित प्राधिकरण को दें। इस अभियान में पुलिस और प्रशासन का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिसके लिए संगठन ने उनका धन्यवाद किया। वर्तमान में जिला युवा विकास संगठन और पुलिस प्रशासन बच्चों के परिजनों की खोज कर रहे हैं।


अभियान में शामिल लोग

अभियान में ये रहे मौजूद


इस बचाव अभियान में संगठन की ओर से अजय तिवारी, हरदीप नडियाली, हाकम सिंह, हरविंदर सिंह और परगट सिंह शामिल रहे। वहीं आरपीएफ अंबाला कैंट से थाना प्रभारी रविंदर सिंह, एस.आई. कविता, मानव तस्करी निरोधक इकाई से एस.आई. नरेंद्र कुमार और जसविंदर सिंह अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे।