अखिलेश यादव ने शंकराचार्य के रथ को रोके जाने पर भाजपा सरकार की आलोचना की
लखनऊ में तनावपूर्ण स्थिति
लखनऊ। मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम स्नान के लिए जा रहे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस ने रोक दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। रथ को रोके जाने के कारण शंकराचार्य के अनुयायियों के बीच तीखी बहस हुई। शंकराचार्य ने पुलिस और मेला प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया है। इस घटना पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार की कड़ी आलोचना की है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि माघ मेला क्षेत्र में साधु-संतों और भक्तों के साथ दुर्व्यवहार की यह घटना अक्षम्य है। उन्होंने कहा कि यह वही सरकार है जिसने पिछले वर्ष भी इस परंपरा में विघ्न डाला था।

उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी घटनाएं भाजपा सरकार में ही क्यों हो रही हैं। मौनी अमावस्या का शाही स्नान कोई नई बात नहीं है। इसके लिए भाजपा की खराब प्रशासनिक व्यवस्था जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि भाजपा का अहंकार उन्हें दूसरों से बड़ा मानने की अनुमति नहीं देता। यदि उत्तर प्रदेश के गृह सचिव मनमानी कर रहे हैं, तो यह गलत है, और यदि किसी के निर्देश पर ऐसा हो रहा है, तो यह और भी गलत है। उन्होंने मामले की जांच की मांग की।
