अजित डोभाल का डिजिटल युग में संचार पर विचार
NSA अजित डोभाल का बयान
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने हाल ही में कहा कि वे आमतौर पर फोन और इंटरनेट का उपयोग नहीं करते हैं। यह बयान उन्होंने विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग कार्यक्रम में दिया, जिसमें लगभग 3,000 युवा उपस्थित थे।
डिजिटल संचार से दूरी का कारण
जब कार्यक्रम में उनसे पूछा गया कि वे आज के डिजिटल युग में कैसे संपर्क करते हैं, तो डोभाल ने स्पष्ट किया कि वे निजी संवाद के लिए फोन और इंटरनेट से दूर रहते हैं। उन्होंने बताया कि केवल आवश्यकता पड़ने पर ही वे विदेश में किसी से संपर्क करने के लिए इन साधनों का उपयोग करते हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा से संबंधित मामलों में संवाद के ऐसे तरीके होते हैं, जिनकी जानकारी आम जनता को नहीं होती। उनका मानना है कि संवेदनशील पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए सतर्क रहना अत्यंत आवश्यक है।
भारत को हर क्षेत्र में मजबूत बनाने की आवश्यकता
डोभाल ने कहा कि भारत को केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था, समाज और विकास के सभी क्षेत्रों में मजबूत बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमारे इतिहास में जो दुख और अपमान झेला गया, उससे सीख लेकर देश को फिर से महान बनाना चाहिए।
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करना
उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि स्वतंत्रता आसानी से नहीं मिली। भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तियों ने देश के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। डोभाल ने कहा कि आज का युवा सौभाग्यशाली है कि वह आज़ाद भारत में जन्मा है।
युवाओं के लिए नेतृत्व और अनुशासन का संदेश
NSA ने मजबूत नेतृत्व पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि प्रेरणा क्षणिक होती है, लेकिन अनुशासन जीवनभर साथ रहता है। उनके अनुसार, सपने दिशा दिखाते हैं, लेकिन सफलता मेहनत और अनुशासन से प्राप्त होती है।
नवाचार और कार्य पर विश्वास
अजित डोभाल ने युवाओं से आग्रह किया कि वे विज्ञान और तकनीक में नवाचार पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रचार नहीं, बल्कि कार्य ही सबसे मजबूत संदेश देता है। चुपचाप अच्छा कार्य करना ही देश को आगे बढ़ाएगा।
